कैबिनेट बैठक के फैसले : किसानों, कर्मचारियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के हित में लिए गए 7 बड़े फैसले, यहां पढ़ें…
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों में किसानों को अतिरिक्त फसल पर प्रोत्साहन, कर्मचारियों के पेंशन प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा, और पुराने सरकारी परिसरों के पुनर्विकास जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। जानिए कैबिनेट के 7 बड़े फैसले:
1. कृषक उन्नति योजना का विस्तार
कैबिनेट ने धान के विकल्प के रूप में दलहन, तिलहन और मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजना का दायरा बढ़ाया है। अब खरीफ 2025 में ऐसे किसान जो धान छोड़कर इन फसलों की खेती करेंगे, उन्हें भी आदान सहायता राशि मिलेगी।
2. छत्तीसगढ़ पेंशन फंड का गठन
राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों के पेंशन भुगतान की दीर्घकालिक योजना और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन एवं प्रबंधन विधेयक-2025 को मंजूरी दी गई।
3. छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड को हरी झंडी
राज्य की राजकोषीय स्थिरता और आर्थिक मंदी से निपटने के लिए एक विशेष फंड — छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड — बनाया जाएगा। इससे राजस्व उतार-चढ़ाव का प्रबंधन और वित्तीय सुरक्षा संभव होगी।
4. लॉजिस्टिक्स सेक्टर के विकास के लिए नई नीति
राज्य में लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 को स्वीकृति दी गई। इससे राज्य लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा, निवेश बढ़ेगा और निर्यात ढांचा मजबूत होगा। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
5. जन विश्वास विधेयक 2025 का अनुमोदन
राज्य सरकार ने कानूनों के गैर-अपराधीकरण (Decriminalization) के लिए जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक-2025 को मंजूरी दी है। इससे न्यायालयीन मामलों में कमी आएगी और कारोबार करने में आसानी होगी।
6. 7 पुराने परिसरों का रिडेवलपमेंट प्लान
राज्य के जर्जर भवनों और अनुपयोगी जमीनों के पुनर्विकास के लिए 7 योजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें रायपुर (शांति नगर, बीटीआई शंकर नगर), राजनांदगांव (कैलाश नगर), जगदलपुर (चांदनी चौक फेस-2), कांकेर (सिविल लाइन), महासमुंद (क्लब पारा) और कोरबा (कटघोरा) शामिल हैं।
7. पदोन्नति के नियमों में ढील
वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उच्च श्रेणी लिपिकों को उप पंजीयक के पद पर पदोन्नति के लिए न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अवधि को घटाकर 2 वर्ष कर दिया गया है (एक बार के लिए)। इससे कई कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ शीघ्र मिलेगा।




