
रायपुर : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बीरगांव में प्रसव के बाद महिला मरीज की मौत के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजना कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
ड्यूटी में लापरवाही बनी मौत की वजह
जांच में सामने आया कि डिलीवरी के बाद रात के समय किसी भी चिकित्सा अधिकारी की ड्यूटी नहीं थी। डॉ. अंजना कुमार ने मरीज की स्थिति का आवश्यक फॉलोअप नहीं लिया, जिससे लापरवाही के चलते प्रसूता की मौत हो गई। निलंबन की अवधि में डॉक्टर अंजना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी और नियमानुसार निर्वाहन भत्ता प्राप्त करेंगी।
क्या है पूरा मामला?
22 वर्षीय साक्षी निषाद की डिलीवरी बीरगांव CHC में हुई थी। परिजनों के अनुसार, डिलीवरी के करीब 12 घंटे बाद 10-11 जून की रात उसकी तबीयत बिगड़ गई। वार्ड ब्वॉय ने इंजेक्शन दिया और पानी पिलाया, जिसके बाद साक्षी की हालत और खराब हो गई। डॉक्टर समय पर मौजूद नहीं थे और परिजनों के अनुसार दर्द से कराहती साक्षी की कुछ देर में मौत हो गई। इस दौरान स्टाफ द्वारा परिजनों से दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप भी लगा है।
इस दर्दनाक घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है। मामला अब स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है।





