
MUZAFFARPUR. मुजफ्फरपुर जंक्शन पर एक अजीबो-गरीब घटना ने भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। अमृतसर-न्यू जलपाइगुड़ी स्पेशल ट्रेन (04654) को महज एक लाइटर या माचिस की कमी के कारण प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर 11 मिनट तक रोकना पड़ा। लगेज वैन को सील करने के लिए लाइटर की जरूरत थी, लेकिन रेलवे स्टाफ के पास यह उपलब्ध नहीं था। आखिरकार, स्टाफ को स्टेशन रोड तक दौड़कर लाइटर खरीदना पड़ा, जिससे यात्रियों में बेचैनी और अफरातफरी का माहौल बन गया।
क्या थी घटना?
14 अगस्त को दोपहर 12:14 बजे ट्रेन नंबर 04654 मुजफ्फरपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुंची। एक बाइक उतारने के बाद, रेलवे नियमों के तहत लगेज वैन को सील करना अनिवार्य था। सीलिंग प्रक्रिया के लिए माचिस की जरूरत थी, लेकिन माचिस से आग न जलने पर लाइटर की आवश्यकता पड़ी। हैरानी की बात यह रही कि स्टेशन पर मौजूद रेलवे स्टाफ के पास लाइटर नहीं था। इस कारण एक कर्मचारी को स्टेशन रोड पर लाइटर खरीदने के लिए भेजा गया। इस दौरान सिग्नल ग्रीन होने और गार्ड की अनुमति के बावजूद ट्रेन को रोके रखना पड़ा।
यात्रियों में बेचैनी, रेलवे की किरकिरी
11 मिनट की देरी ने यात्रियों के बीच खासी नाराजगी पैदा की। कई यात्रियों ने सवाल उठाया कि एक साधारण लाइटर जैसी छोटी चीज के लिए रेलवे को इतना समय क्यों गंवाना पड़ा? यात्रियों का कहना था कि अगर रेलवे स्टाफ के पास बुनियादी संसाधन भी उपलब्ध नहीं हैं, तो यह रेलवे की योजना और संसाधन प्रबंधन में गंभीर कमी को दर्शाता है। आखिरकार, स्टेशन रोड से लाइटर लाने के बाद वैन को सील किया गया, और ट्रेन दोपहर 12:25 बजे अपनी यात्रा पर आगे बढ़ सकी।
रेलवे की लापरवाही पर सवाल
यह घटना भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाती है। एक विशेष ट्रेन, जो हजारों यात्रियों को उनके गंतव्य तक ले जा रही थी, को केवल एक लाइटर की कमी के कारण रोकना पड़ा। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए रेलवे के प्रबंधन को आड़े हाथों लिया। कुछ ने इसे “रेलवे की लापरवाही का नमूना” करार दिया, तो कुछ ने मजाक में कहा, “क्या अब ट्रेन चलाने के लिए स्टेशन रोड से सामान खरीदना पड़ेगा?”
रेलवे प्रशासन की चुप्पी
इस घटना पर मुजफ्फरपुर जंक्शन के अधिकारियों ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, स्थानीय सूत्रों का कहना है कि ऐसी छोटी-मोटी लापरवाही रेलवे स्टेशनों पर आम हो सकती है, लेकिन इस बार यह मामला सुर्खियों में आ गया। रेलवे के नियमों के अनुसार, लगेज वैन की सीलिंग अनिवार्य है, लेकिन इसके लिए बुनियादी संसाधनों की कमी होना चिंता का विषय है। मुजफ्फरपुर जंक्शन बिहार का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है, जो उत्तर भारत और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ से रोजाना दर्जनों ट्रेनें गुजरती हैं, और लाखों यात्री इस स्टेशन का उपयोग करते हैं। ऐसे में, इस तरह की घटनाएँ न केवल रेलवे की छवि को धक्का पहुँचाती हैं, बल्कि यात्रियों के विश्वास को भी कम करती हैं।




