श्राइन बोर्ड बोला– बादल फटने से पहले ही रोक दी गई थी यात्रा
वैष्णो देवी हादसा: उमर अब्दुल्ला का सवाल– चेतावनी के बाद यात्रा क्यों जारी रही? बोर्ड ने दिया जवाब

कश्मीर : जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को हुए वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन में 34 श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा शोक जताते हुए बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब पहले से आपदा की चेतावनी थी तो आखिरकार तीर्थयात्रा क्यों नहीं रोकी गई?
उमर अब्दुल्ला ने कहा, “यह गंभीर प्रश्न है कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने यात्रियों को क्यों नहीं रोका। इन तथ्यों का पता लगाना बेहद जरूरी है और हमें इस पर गंभीरता से चर्चा करनी होगी।”
बोर्ड का खंडन
हालांकि, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने उमर अब्दुल्ला और मीडिया रिपोर्ट्स में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। बोर्ड ने गुरुवार रात एक बयान जारी कर कहा कि 26 अगस्त को बादल फटने और भूस्खलन की घटना से पहले ही यात्रा दोपहर में स्थगित कर दी गई थी।
बोर्ड ने अपने बयान में लिखा, “कल से मीडिया के कुछ हिस्सों में यह भ्रामक खबर फैलाई जा रही है कि मौसम संबंधी चेतावनी की अनदेखी कर यात्रा जारी रखी गई। हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यात्रा पहले ही रोक दी गई थी। इस प्राकृतिक आपदा में श्रद्धालुओं की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु पर हमें गहरा दुख है, लेकिन आरोप पूरी तरह झूठे और निराधार हैं।”

हादसा कैसे हुआ
मंगलवार को कटरा स्थित त्रिकुटा पहाड़ियों के अधकुंवारी मार्ग पर बादल फटने के बाद भूस्खलन हुआ। इस हादसे में 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।




