आस्था का काला सच: शादी कराने के बहाने पुजारी ने किया बेटी का शोषण
पूजा के नाम पर डेढ़ साल तक चलता रहा अत्याचार, परिवार की भरोसे की दीवार ढह गई
सहरसा : शादी की तैयारी हर परिवार का सपना होती है। सहरसा का एक परिवार भी अपनी 24 साल की बेटी की शादी को लेकर उत्साहित था। रिश्ते टूट-टूटकर वापस लौट जाते, तो उन्होंने एक घरेलू पुजारी पर विश्वास किया। महिषी से आए उस पुजारी का नाम था गोविंद झा। वह खुद को उपायों का जानकार बताता और परिवार से बोला कि एक खास अनुष्ठान से बेटी की शादी की सारी रुकावटें दूर हो जाएंगी।
थक चुके घरवालों ने उसे ही उम्मीद मान लिया। लेकिन यह उम्मीद जल्दी ही एक बड़ी चोट में बदल गई। पुजारी ने कहा कि अनुष्ठान के वक्त लड़की ही उसके पास रहेगी। माँ-बाप ने आँख मूँदकर हामी भर दी, और यहीं से उस मासूम की ज़िंदगी का सबसे अंधकारमय अध्याय शुरू हो गया।
अनुष्ठान के नाम पर उस बाबा ने डेढ़ साल तक युवती का यौन शोषण किया। धीरे-धीरे लड़की का चेहरा बदलने लगा। वह चुप सी रहने लगी, उसकी आँखें खाली और डर से भरी दिखने लगीं। परिवार कुछ समझ नहीं पाया, लेकिन छोटी बहन की नज़रें सब भाँप गईं। जब उसने अपनी बड़ी बहन से हिम्मत करके सीधे पूछा, तो राज खुल गया।
राज खुलते ही परिवार की जमीन खिसक गई। जिस पर उन्होंने भरोसा किया, वही उनकी बेटी की मासूमियत का दुश्मन बन बैठा। बेटी और माँ एकदम सीधे सदर थाना पहुँचीं और पूरी कहानी पुलिस को बताई।
पुलिस ने भी देर नहीं की। उन्हें खबर मिली कि आरोपी बाबा गंगा स्नान के लिए रेलवे स्टेशन जाने वाला है। सुबह ही जाल बिछाया गया और वहीं उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सहरसा में यह घटना चर्चा का सबसे गर्म मुद्दा बन गई है। आस्था और धोखे के इस संगम ने लोगों के अंदर गुस्सा और सवाल दोनों भर दिए हैं। कौन है जिस पर भरोसा किया जाए? किस आस्था को सच माना जाए?




