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 बस्तर में बदलाव की बयार, 23 इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, मुख्यमंत्री साय बोले – “बंदूकें थम रही हैं”

रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही सरकार की रणनीति अब रंग लाने लगी है। सुकमा जिले में सोमवार को 23 इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। इनमें 8 हार्डकोर नक्सली PLGA बटालियन से जुड़े थे, जबकि अन्य विभिन्न नक्सली संगठनों में सक्रिय थे। आत्मसमर्पण करने वालों में 9 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल हैं, जिनमें 3 नक्सली दंपती भी हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताई खुशी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस खबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा,
“बस्तर बदल रहा है, बंदूकें थम रही हैं… लोकतंत्र की लौ अब हर कोने में जल रही है।”
उन्होंने बताया कि इन नक्सलियों में से 23 पर कुल ₹1.18 करोड़ का इनाम घोषित था और केवल पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कुल 45 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

मुख्यमंत्री ने इसे केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि सरकार की नई पुनर्वास नीति 2025, और “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं में लोगों के बढ़ते विश्वास की जीत बताया। उन्होंने कहा,
“अब बस्तर में बंदूक की गोली नहीं, विकास की बोली सुनाई दे रही है।”

पिछले 15 महीनों में 1521 नक्सली छोड़ चुके हैं हिंसा का रास्ता

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बीते 15 महीनों में 1521 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। यह आंकड़ा प्रदेश में तेजी से बदलते हालात और सरकार की प्रभावी नीति का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया।

किस पर कितना इनाम था?

  • 11 नक्सलियों पर ₹8 लाख का इनाम

  • 4 नक्सलियों पर ₹5 लाख का इनाम

  • 1 नक्सली पर ₹3 लाख का इनाम

  • 7 नक्सलियों पर ₹1 लाख का इनाम
    ➡️ कुल इनामी राशि: ₹1.18 करोड़

इन पदों पर रहे नक्सली

  • 1 डीव्हीसीएम (DVCM)

  • 6 पीपीसीएम (PPCM)

  • 4 एसीएम (ACM)

  • 12 पार्टी सदस्य

सरकार का दावा है कि आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास नीति के तहत समुचित लाभ और सुरक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे अन्य नक्सलियों को भी हिंसा का मार्ग छोड़ने की प्रेरणा मिलेगी।

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