डेस्क/राजधानी में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जिसमें एक वकील और उसकी पत्नी ने मिलकर अपने ही क्लाइंट की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने इस हत्या के मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी वकील अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी शर्मा घटना के बाद दिल्ली एयरपोर्ट फरार हो चुके थे, लेकिन दिल्ली पुलिस के जरिए रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम व साइबर यूनिट ने उन्हें एयरपोर्ट से धर दबोचा।

हत्या की वजह 30 लाख की ठगी…..
मृतक किशोर पैकरा (58),जो रायपुर के आजाद चौक का निवासी था, अपने मकान के एक कानूनी विवाद को लेकर वकील अंकित उपाध्याय के संपर्क में आया था। आरोपी वकील ने हाईकोर्ट से मकान वापस दिलाने के नाम पर किशोर से मोटी रकम वसूल ली। साथ ही मृतक के बजरंग नगर स्थित मकान को 30 लाख रुपये में बेचकर पैसे हड़प लिए। जब किशोर बार-बार रकम लौटाने का दबाव बनाने लगा, तो आरोपी दंपत्ति ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली।

इन्द्रप्रस्थ कॉलोनी में की गई थी हत्या…
आरोपियों ने 19 जून को इन्द्रप्रस्थ कॉलोनी में एक किराये का मकान लिया। 21 जून की सुबह अंकित ने किशोर पैकरा को उनके निवास का साफ सफाई करने के बहाने से वहां इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के मकान मे ले गया..उन्हें नास्ता कराया गया आराम करने कहा गया जब पैकरा को नींद आयी तो आरोपी अंकित उसके सीने पर बैठकर गला दबाया और पत्नी शिवानी उसका पैर बांधकर रखी थी..अंकित को मौत की शक पर धार दार हथियार से गला रेता गया। अब शव को ठिकाने लगाने को ट्रॉली बैग में बंद कर उसे एक दिन कमरे मे ही छोड़ दिया गया.. बदबू ना आये करके उसपर पर्फ्यूम भी डाला गया.. दूसरे दिन बदबू बढ़ने से बैग मे सीमेंट घोलकर उसे पैक कर दिया.,फिर टिन की पेटी में भरकर सुनसान इलाके में फेंक दिया गया।
सबूत मिटाने की कोशिश,फिर भी पुलिस ने खोले राज….
हत्या के बाद आरोपी रातों रात रायपुर से दिल्ली भाग गए थे,लेकिन एंटी क्राइम यूनिट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए और घटना में प्रयुक्त अल्टो कार, दो दोपहिया वाहन, पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
मददगार भी गिरफ्तार, चारों आरोपी सलाखों के पीछे..
आरोपियों की मदद करने वाले सूर्यकांत यदु और विनय यदु को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। चारों आरोपियों के विरुद्ध थाना डी.डी.नगर में अपराध क्रमांक 255/25 के तहत BNS की धाराओं 103(1), 238क, 61(2), 3(5) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की गई है।




