
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पुरातत्ववेत्ता पद्मश्री अरुण कुमार शर्मा का निधन हो गया। 92 साल की उम्र में उन्होंने बुधवार रात आखिरी सांस ली। अरुण शर्मा का जन्म 1933 में हुआ था। साल 2017 में भारत सरकार की ओर से उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वे छत्तीसगढ़ शासन के पुरातात्विक सलाहकार भी थे।
अरुण शर्मा वही शख्स हैं जिनकी मांग पर अयोध्या में राम जन्म भूमि पर खुदाई कराई गई थी। उन्होंने ही खुदाई में मिले अवशेषों के रिसर्च के आधार पर कोर्ट में मंदिर होने के सबूत पेश किए थे। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठापर वे बहुत खुश थे। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वे रामलला के दर्शन करें, लेकिन सेहत खराब होने के चलते वे नहीं जा पाए थे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत और पुरातात्विक संपदा को सामने लाने में इनका बड़ा योगदान है।
अयोध्या राम मंदिर के साक्ष्यों पर लिखी किताब
अरुण शर्मा ने पुरातत्व और इससे जड़े विषयों पर 35 से ज्यादा किताबें लिखी हैं। अयोध्या मामले में खुदाई के दौरान जितने भी साक्ष्य मिले, उस पर एक किताब ‘आर्कियोलॉजिकल एविडेंस इन अयोध्या केस’ नाम की किताब भी इन्होंने लिखी है। ये किताब अंग्रेजी भाषा में लिखी गई है।




