सदाकत आश्रम में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन : सीडब्ल्यूसी बैठक से बिहार चुनाव का बिगुल, “घर-घर अभियान” का ऐलान
पटना के ऐतिहासिक सदाकत आश्रम में बुधवार से पहली बार कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई दिग्गज नेता इसमें शामिल हैं। जहां एनडीए ने इस बैठक को आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से जोड़कर चुनावी रणनीति बताया है, वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है। उधर, राजद का कहना है कि सीडब्ल्यूसी बैठक से पूरे 'इंडिया' गठबंधन को मजबूती मिलेगी।
पटना : पटना के सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की ऐतिहासिक बैठक शुरू हो चुकी है। चुनाव को देखते हुए कांग्रेस की बैठक बिहार की सियासत में अहम समझा जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार राजधानी में आयोजित इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत 170 से अधिक शीर्ष नेता मौजूद हैं। बैठक में न सिर्फ आगामी बिहार विधानसभा चुनाव का रोडमैप तैयार हो रहा है, बल्कि इसे कांग्रेस के “रणनीतिक शंखनाद” के तौर पर भी देखा जा रहा है।
सीडब्ल्यूसी बैठक के शुरू होते ही मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, केंद्र सरकार की विदेश नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि बिहार बदलाव की दहलीज पर है। राष्ट्रपति खड़गे ने दो टूक कहा, “यह बैठक राज्य में नवचेतना और सशक्त विपक्ष की दिशा तय करेगी।”
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में संगठनात्मक मजबूती और जमीनी स्तर तक पार्टी की पकड़ बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने पंचायत स्तर तक युवाओं, महिलाओं और पिछड़े वर्गों को जोड़ने और “वोट चोरी” के खिलाफ सशक्त अभियान छेड़ने का संकल्प जताया, जिसे कांग्रेस आने वाले चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाएगी। उन्होंने कहा — “अब बिहार में कांग्रेस का मुकाबला भाजपा की नीतियों और वोट की चोरी से है, हम हर बूथ पर पहरा देंगे।”
कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बैठक के दौरान सोशल मीडिया पर लिखा कि बिहार, सामाजिक न्याय के दोराहे पर है—कांग्रेस अपनी पुरानी रणनीति को पुनर्जीवित कर नए दौर की राजनीति को दिशा देना चाहती है।
तेलंगाना की जीत से उत्साहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी पटना की बैठक को ‘सत्ता परिवर्तन’ के नए आगाज के समान बताया। पार्टी को उम्मीद है कि हैदराबाद की तरह पटना में सीडब्ल्यूसी का मंच भी सत्ता के समीकरण बदलने में निर्णायक साबित होगा।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम ने कहा— “हम वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और वोटर अधिकारों पर आक्रामक अभियान चलाएंगे।” बिहार के 20 जिलों में “घर-घर अधिकार अभियान” शुरू करने की भी घोषणा की गई है, जिसमें मतदाता जागरूकता, वोट चोरी के खिलाफ संवेदनशीलता और बूथ स्तर पर निगरानी की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और विदेश नीति पर कई प्रस्तावों के मसौदे वितरित किए गए हैं। आज शाम 4 बजे तक यह बैठक चलेगी। सीडब्ल्यूसी के बाद राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ सीट बंटवारे और साझा रणनीति पर भी बातचीत होनी है, जिससे विपक्ष की एकजुटता का नया एजेंडा तैयार होगा।




