
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर छह बेरोजगार युवाओं से 50 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को सीएम हाउस से जुड़ा बताया और युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र तक थमा दिए। अब पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
सीएम हाउस में संपर्क का झांसा देकर ठगे बेरोजगार
तोरवा थाना क्षेत्र के हेमूनगर निवासी मोनिषा सिंह ने बताया कि उनकी पहचान दुर्ग निवासी प्रिया देशमुख और अंबिकापुर निवासी रजत गुप्ता से करवाई गई थी। प्रिया स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है, जबकि रजत ने खुद को मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ बताया। दोनों ने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर छह बेरोजगार युवाओं से 50 लाख रुपये वसूले।
सहायक अभियंता का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया
शिकायत के अनुसार, ठगों ने करीब एक साल बाद सहायक अभियंता का फर्जी नियुक्ति पत्र पकड़ा दिया। जब नियुक्ति पत्र की सच्चाई सामने आई, तो ठगे गए युवाओं ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
नौकरी की आस में बेची जमीन और जेवर
पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर, जमीन और जेवर बेचकर यह रकम दी थी। पैसे नगद, बैंक ट्रांसफर और रिश्तेदारों के जरिए अलग-अलग किश्तों में दिए गए। बेरोजगारों में संतोष कुमार, गौतम बाई, आकाश शर्मा, ज्योतिष और श्यामादेवी शामिल हैं।
दुर्ग और अंबिकापुर में किया गया लेन-देन
शिकायत में बताया गया कि 25 अक्टूबर 2023 से 21 सितंबर 2024 के बीच चंदेला नगर, रजिस्ट्री ऑफिस, तितली चौक और गांधी चौक में पैसे लिए गए। इसके अलावा, दुर्ग में भी आरोपी बुलाकर उनसे रकम वसूली गई।
पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला
सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।




