तियानजिन में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर आतंकवाद पर चिंता जताई
एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की सक्रिय भूमिका, आतंकवाद मुद्दे पर चीन से सहयोग की अपील। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर साझा लड़ाई की ज़रूरत बताई।
तियानजिन (चीन) :1 सितम्बर 2025 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने भारत की क्षेत्रीय सहयोग की दृष्टि को साझा करने के साथ-साथ आतंकवाद के मुद्दे पर चीन से ठोस सहयोग की अपील की।
आतंकवाद पर खुलकर बोले मोदी
सम्मेलन से पहले रविवार को पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि “आतंकवाद एक साझा संकट है, जिससे भारत और चीन दोनों प्रभावित हुए हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि हम मिलकर इस चुनौती का सामना करें।”
मोदी ने हाल ही में हुए पाहलगाम आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए पाकिस्तान की भूमिका पर चिंता जताई। हालांकि चीन की पाकिस्तान को मिल रही मदद पर सवाल पूछे जाने पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रत्यक्ष टिप्पणी से बचते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सिर्फ़ “सीमा पार आतंकवाद को साझा प्राथमिकता” बताया और चीन से सहयोग मांगा।
भारत की भूमिका पर नज़र
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को एससीओ शिखर सम्मेलन के पूर्ण अधिवेशन (plenary session) को संबोधित करेंगे। विदेश सचिव ने बताया कि वे इस दौरान भारत का दृष्टिकोण साझा करेंगे कि किस तरह एससीओ के ढांचे के भीतर आर्थिक सहयोग, आपसी विश्वास और क्षेत्रीय स्थिरता को और मज़बूत किया जा सकता है। सम्मेलन से इतर पीएम मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुईज़्ज़ू और म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग हलैंग से भी मुलाकात की।
चीन का रुख और ऐलान
उद्घाटन सत्र में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को “अशांत और उलझी हुई” करार दिया। उन्होंने परोक्ष रूप से अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि “कुछ देशों की धौंसपट्टी भरी नीतियां” दुनिया की अस्थिरता का कारण बन रही हैं। शी जिनपिंग ने “शंघाई स्पिरिट” यानी आपसी विश्वास, समान लाभ और सहयोग पर ज़ोर दिया और सदस्य देशों से मिलकर चुनौतियों से निपटने की अपील की।
चीन ने यह भी घोषणा की कि वह 2025 में SCO सदस्य देशों को 2 अरब युआन (करीब 360 मिलियन डॉलर) की मुफ्त सहायता देगा और साथ ही 10 अरब युआन का कर्ज़ SCO बैंकिंग कंसोर्टियम को उपलब्ध कराएगा।




