
रायपुर : शहर के कुख्यात बदमाश और हिस्ट्रीशीटर वीरेन्द्र तोमर उर्फ परदेसिया और उसके छोटे भाई रोहित तोमर को फरार हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन रायपुर पुलिस अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। तमाम दबिशों और प्रयासों के बावजूद दोनों आरोपी अब तक कानून की गिरफ्त से दूर हैं।
दोनों पर ₹5,000-₹5,000 का इनाम घोषित किया जा चुका है और गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के कई शहरों में तलाश की, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। रायपुर एसएसपी के अनुसार, यदि आरोपी आज शाम तक भी थाने में हाजिर नहीं होते, तो उनके खिलाफ सीआरपीसी की धाराओं के तहत संपत्ति कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
वीरेन्द्र और रोहित के खिलाफ तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थानों में 30 से अधिक गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें अवैध वसूली, मारपीट, कर्ज एक्ट उल्लंघन और जान से मारने की धमकी जैसे अपराध शामिल हैं। वीरेन्द्र खुद को करणी सेना का प्रदेश अध्यक्ष बताता रहा है और पूर्व में राजनीतिक रसूख का लाभ लेकर कार्रवाई से बचता आया है।
पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि इतने गंभीर आरोप और पुराने रिकॉर्ड होने के बावजूद पुलिस अब तक सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। दबिश देने और घर पर अनुपस्थित पाए जाने का पंचनामा बनाकर लौट आना, पुलिस की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आज की डेडलाइन खत्म होने के बाद पुलिस कुर्की की कार्रवाई को कितनी तेजी से आगे बढ़ाती है।


