
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राजस्व निरीक्षक (आरआई) पदोन्नति परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ। पूर्व मंत्रियों अजय चंद्राकर और राजेश मूणत ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को तीखे सवालों से घेरते रहे। लेकिन मंत्री बार-बार निरुत्तर नजर आए।
गंभीर अनियमितताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं?
विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि जब जांच रिपोर्ट में परीक्षा में गंभीर अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है, तो दोषियों के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं की गई? उन्होंने यह भी पूछा कि जब विभाग ने ACB और EOW दोनों को जांच एजेंसियों के रूप में प्रस्तावित किया था, तो EOW को ही जांच की जिम्मेदारी देने का फैसला किसने लिया?
मंत्री वर्मा इस पर कोई ठोस जवाब नहीं दे सके और कहा कि “मामले की गंभीरता को देखते हुए बारिकी से जांच की जा रही है।”
कांग्रेस शासन पर लगे आरोप, बढ़ा बवाल
पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने आरोप लगाया कि यह घोटाला कांग्रेस शासनकाल की देन है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हस्तक्षेप कर परीक्षा की तारीख और परिणाम की जानकारी मांगी। मंत्री के जवाब (जनवरी 2024 में परीक्षा) से मामला और उलझ गया। विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी की और कांग्रेस पर परीक्षा प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगाए।
CBI जांच की मांग पर तकरार
आरआई परीक्षा घोटाले में CBI जांच की मांग उठी तो विधायक धरमलाल कौशिक ने तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री से पूछा कि “अब कब से CBI पर भरोसा हो गया?” उनके इस सवाल से सदन में माहौल और गरम हो गया।



