85 प्लस बुजुर्ग, दिव्यांग और कर्मियों को अब मिलेगा घर बैठे वोट देने का मौका
निर्वाचन आयोग ने डाक मतपत्र से मतदान को आसान बनाया, सर्विस व मीडिया कर्मियों को भी मिलेगी सुविधा

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार खास तैयारी की जा रही है। निर्वाचन आयोग ने फैसला लिया है कि 85 साल से ज्यादा उम्र वाले वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग मतदाता और खास सेवाओं में लगे कर्मचारी अब अपने घर बैठे भी वोट दे सकते हैं। डाक मतपत्र का विकल्प देकर आयोग ने वोटिंग को और स्मार्ट बना दिया है। ये सुविधा जरूरी सेवाओं में तैनात कर्मचारियों, पत्रकारों और चुनाव ड्यूटी वाले कर्मियों के लिए भी लागू होगी।
आयोग के बयान के मुताबिक, ये लोग चुनाव की अधिसूचना जारी होने के 5 दिनों के अंदर ‘फॉर्म 12 डी’ भरकर अपने बूथ स्तर अधिकारी को दे सकते हैं। इसके बाद मतदान टीम उनके घर पहुंचकर वोट डलवाएगी, जिससे उन्हें बूथ तक जाने के झंझट से राहत मिल जाएगी। जरूरी सेवाओं में पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य, बिजली, ट्रैफिक, एंबुलेंस और विमानन कर्मी भी शामिल हैं। वे अपने ऑप्शनल नोडल ऑफिसर के जरिए आवेदन भेज सकते हैं। चुनाव की कवरेज में लगे मीडिया कर्मियों को भी इसी श्रेणी में रखा गया है।
डाक मतपत्र से वोट डालने वाले सेवा मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ETPBS) के जरिए मतपत्र भेजा जाएगा। इन्हें डाक खर्च नहीं देना पड़ेगा। आयोग ने सभी जिलों के अधिकारियों को इन निर्देशों की अच्छी तरह जानकारी देने का आदेश दिया है।
आंकड़ों के हिसाब से बिहार में 85 साल से ऊपर वोटर्स की तादाद इस साल स्पेशल रिवीजन के बाद 16 लाख से घटकर 4 लाख रह गई है। ये कदम बुजुर्ग, दिव्यांग और ड्यूटी पर काम करने वालों के लिए राहत का पैगाम है।
बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में—6 और 11 नवंबर को होंगे। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि इस बार वोटिंग ज्यादा पारदर्शी, आसान और इनके लिए पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। अब बदलते ज़माने के साथ वोटिंग भी हाईटेक हो गई है, जिससे कोई मतदाता वोट देने से वंचित न रहे।




