भारतीय बौध्द महासभा ने मनाया धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस, लोगों को बाबासाहेब के मूल मंत्र को बताया गया

रायपुर.भारतीय बौद्ध महासभा जिला इकाई रायपुर के द्वारा आज डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर प्रतिमा परिसर अंबेडकर चौक रायपुर में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस मनाया गया. डॉ बाबासाहेब आंबेडकर ने आज ही के दिन 1956 में नागपुर पांच लाख से ज्यादा अनुआई के समक्ष बौद्ध धर्म को स्वीकार किया था | इस दिन के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष लाखों अनुयाई दीक्षाभूमि नागपुर में एकत्रित होते हैं एवं पूरे भारतवर्ष में अंबेडकरवादी एवं बौद्ध धर्म के अनुयाई धर्म चक्र प्रवर्तक दिवस के रूप में मनाते हैं।
आज इसी अवसर पर भारतीय बौद्ध महासभा रायपुर जिला इकाई द्वारा यह आयोजन रखा गया जिसमें मुख्य अतिथि डॉक्टर ईश्वरदान आशिया (पूर्व उप महानिदेशक भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण) उपस्थित थे. उन्होंने बाबासाहेब के मूल मंत्र को बताया उन्होंने कहा बाबा साहेब का बौद्ध धर्म स्वीकार करने का मुख्य कारण था बौद्ध धर्म का समतामूलक होना, मानवतावादी धर्म की स्थापना, आज के समय में सभी समाज वर्ग को मानवता के लिए आगे आना होगा तभी मानव का कल्याण है, प्रदेश संस्कार प्रमुख सी डी खोबरागड़े ने समाज के सभी लोगों को बाबा के मिशन पर कार्य करने को कहा.

प्रदेश महासचिव भोजराज गौरखेड़े ने कहा वर्तमान समय में बाबासाहेब द्वारा दिया गया. धर्म दुनिया में सबसे सर्वश्रेष्ठ है इसे समाज के लोगों तक पहुंचाना भारतीय बौद्ध महासभा का उद्देश्य है, भारतीय बौद्ध महासभा के जिला अध्यक्ष प्रकाश रामटेके ने कहा धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस सभी बौध्द अनुयायीयों को एकजुटता दिखाकर भव्य कार्यक्रम करना चाहिए ताकी इसका संदेश जन-जन तक पहूच सके धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस बौध्दो का त्योहार बताये,एव्ं प्रमोद वासनिक , बी,ए,गजभिए ,रतन डोंगरे , करूणा वासनिक ने अपने अपने विचार रखे कार्यक्रम का आभार व्यक्त जिला महासचिव विजय गजघाटे ने किया।
इस अवसर पर मुख्यरूप से उपस्थित आयु. दिलीप वासनिकर , इंजि.बिम्बीसार .सुरेन्द्र गोंडाने, बेनीराम गायकवाड, जयश्री खोब्रागड़े. मोतीमाला कोल्हेकर.श्रीमती मालती मिश्रा.संध्या बडोले. सविता अंबादे. सुनंदा बघेल, ऊषा धारगावे. हेमू मेश्राम, अधिवक्ता ज्ञानेश्वर बावनगडे़ , सुरेंद्र कोल्हेकर, प्रमोद वैद्य. मदनलाल मेश्राम. दिलीप टैंभूरने, मकरंद घोड़ेस्वार , मनोहर घोड़ीचोर, शेखर बागड़े. मिलिंद मेश्राम , राजेश धारगावे,प्रेमलाल बन्सोड़, कुशाल टेम्भेकर, अलका बोरकर, नरेंद्र बोरकर, प्रमोद वासनिक राजू उके, विलास मेश्राम.सचिन गजभिए.हरिश रामटेके. वसंत निकोसे. लेखराम बंजारे. गौर . प्रमोद घरडे. रजनी घरडे.हेमराज डोंगरे. आशिष डोंगरे एवं समाज के अनेक वार्ड से गणमान्य नागरिक एवं भारतीय बौद्ध महासभा के पदाधिकारी सदस्यगण उपस्थित थे।




