Accident: ‘आज मेरा जन्मदिन है!’ कहती हुई स्कूल जा रही थी मासूम; टूटा बिजली का पोल, दबकर हुई दर्दनाक मौत, गांव में मातम
सरैया में भयानक हादसा, ट्रक के डाले में फंसा तार, नौंवी की छात्रा विंध्याचली की गई जान; परिजनों का आरोप—बिजली विभाग की लापरवाही से हुई मौत।
सरैया (बिहार): शनिवार की सुबह सरैया थाना क्षेत्र के शंकर नगर टोंक गांव में एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। हaसते-बोलते स्कूल जा रही एक मासूम बच्ची के लिए उसके जन्मदिन का उत्साह, जीवन का आखिरी दिन बन गया।
नौवीं क्लास की छात्रा विंध्याचली कुमारी (उर्फ अरुणाचल कुमारी) की मौत उस समय हो गई, जब एक टूटते बिजली के पोल के नीचे वह दब गई।
आखिरी ख़ुशी मातम में बदली
ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की सुबह अरुणाचल बहुत खुश थी और सबको बता रही थी कि “आज मैं 12 साल की हो गई!” लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह ख़ुशी पूरे परिवार के लिए मातम में बदल गई।
हादसा तब हुआ जब पीछे से आ रहे एक ट्रक का डाला ऊपर से लटकते बिजली के तार में फँस गया। तार खिंचने से सीमेंट का पोल बच्चों की तरफ टूटकर गिर पड़ा, और विंध्याचली उस पोल के नीचे दब गई। ऊपर से तार में करेंट भी था। साथ चल रही रितिका, अंशु और दिव्या को भी करेंट लगा, जिनका इलाज सीएचसी सरैया में चल रहा है। परिजन विंध्याचली को आरडीजेएम मेडिकल अस्पताल ले गए, पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अरुणाचल एक गरीब परिवार से थी, जिसके पिता पंजाब में मजदूरी करते हैं। चार भाई-बहनों में वह दूसरे नंबर पर थी। एक पल की लापरवाही ने इस गरीब परिवार की खुशियों पर वज्रपात कर दिया।
लापरवाही पर फूटा गुस्सा
हादसे के बाद पूरे गांव में जबरदस्त आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के ऊपर लटकते तार और कमजोर पोल के बारे में बार-बार शिकायत की गई, पर बिजली विभाग ने कोई सुनवाई नहीं की। लोगों ने मांग की है कि लापरवाह ट्रक चालक के साथ-साथ बिजली विभाग के दोषी अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिनकी अनदेखी ने एक मासूम की जान ले ली।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।



