चार साल बाद इंसाफ: किशोरी अपहरण व दुष्कर्म मामले में दोषी को 25 साल की सजा
पाक्सो अदालत का सख्त संदेश, 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

बलिया : चार साल पहले एक किशोरी की जिंदगी को अंधेरे में धकेलने वाले अपराध पर आखिरकार न्याय की मुहर लग गई। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की एक विशेष अदालत ने किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पी. एन. स्वामी ने शुक्रवार को बताया कि विशेष न्यायाधीश (पाक्सो अधिनियम) प्रथमकांत की अदालत ने गुरुवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी करने के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने सिकन्दरपुर थाना क्षेत्र के बनहरा गांव निवासी अजय राजभर को सभी आरोपों में दोषी पाया।
31 अगस्त 2021 की घटना, गांव से हुआ था अपहरण
अधिकारियों के अनुसार, पकड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी को 31 अगस्त 2021 को आरोपी अजय राजभर ने अगवा किया था। इसके बाद उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता के परिवार में कोहराम मच गया था।
पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पाक्सो) अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सुनवाई पूरी होने के बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। फैसले को नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों पर सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
अदालत के इस निर्णय से न सिर्फ पीड़िता को न्याय मिला है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि ऐसे अपराधों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




