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नशेड़ी डीजे वाहन चालक पर कड़ी कार्रवाई, कोर्ट ने लगाया 60,000 रुपए का अर्थदंड

रायपुर। Raipur News: राजधानी रायपुर में नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे होते हैं। जिसपर नियंत्रण के लिए डॉ. लाल उमेंद सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर के निर्देश में डॉ. प्रशांत शुक्ला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं गुरजीत सिंह व सतीश ठाकुर उप पुलिस अधीक्षक यातायात के नेतृत्व में रोज रात में 11.00 बजे से रात 02.00 बजे तक शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध नियमित रूप से अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त दिन व संध्या समय में भी वाहनों की जांच में नशे की हालत में दिखने पर जांच कार्रवाई की जाती है।
बता दें कि, थाना प्रभारी यातायात भाठागांव बस स्टैंड निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह अपने थाना क्षेत्र लाखेनगर -पुरानी बस्ती में यातायात व्यवस्था बनाने हेतु पेट्रोलिंग कर रहे थे। तभी लगभग 11.37 बजे लाखेनगर चौक पर चंदू धुमाल वाली माजदा गाड़ी लहराते हुए चलाते दिखाई दिया, जिसे रोककर चालक को ब्रीथ एनालाईजर मशीन से जांच किया। चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था। मालवाहक वाहन में डी.जे. सिस्टम को वाहन के बॉडी के बाहर एंगल लगाकर वेल्डिंग कर ऊंचा, लंबा बांधा गया था।
बताया गया कि, वाहन में बिना परिवहन विभाग के अनुमति के रजिस्ट्रेशन शर्तो का उल्लंघन करते हुए वेल्डिंग कराकर माजदा वाहन को मॉडिफाई किया गया था। वाहन का फिटनेश समाप्त हो गया था। साथ ही वाहन प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र नहीं था, जिसके कारण वाहन स्वामी व चालक के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 185, 182 ए(4), 194(1क), 56/192 एवं 190(02) के अंतर्गत कार्रवाई कर इश्तगाशा तैयार कर माननीय न्यायालय प्रकरण पेश किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा वाहन स्वामी बीना कौशिक पति चन्द्रशेखर कौशिक निवासी भोई पारा रायपुर के विरूद्ध 5000 रूपये तथा वाहन चालक गोपी राम पिता फेलू राम मनहरे साकिन बंधवापारा रायपुर के विरूद्ध 55000 रूपये कुल 60000 रूपये अर्थदंड किया गया।
 Raipur News: रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि, सड़क पर आवागमन के दौरान यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाएं। नशे की हालत में वाहन कदापि न चलायें। नशे की हालत में वाहन चलाने से वाहन पर चालक का नियंत्रण नही रहता हादसें की आशंका बनी रहती है। मालवाहक वाहनों में वाहन को मॉडिफाई कर साउंण्ड सिस्टम को असुरिक्षत तरीके से बांधकर उपयोग न करें। माननीय न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए उपयोग करें।
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