रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के बैगा आदिवासियों की रक्षा के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है। भूपेश बघेल ने पत्र में लिखा है कि बड़े आहत मन से मैं आपका ध्यान छत्तीसगढ़ की संरक्षित अनुसूचित जनजाति, बैगा जनजाति जिन्हें महामहिम राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र भी कहा जाता है, जिनको भारत के राष्ट्रपति द्वारा विशेष संरक्षण प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ में इस बैगा जनजाति की दुर्दशा पर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं।
उन्होंने लिखा कि राज्य सरकार की अकर्मण्यता के कारण बैगा संरक्षित जनजाति के जीवन के ऊपर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मैं स्वयं 13 जुलाई को प्रभावित क्षेत्रों में गया था वहां पर मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को मच्छरदानी तक राज्य सरकार उपलब्ध नहीं करवा पा रही है।
लोग कुएं का दूषित पानी पी रहे हैं। कुएं के पानी का वाटर ट्रीटमेंट भी सरकार नहीं करवा रही है। वहां पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दी जाने वाली राशन सामग्री का भी वितरण नहीं किया जा रहा है। क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्र झलमला में चिकित्सकों की पदस्थापना भी नहीं है, दवाईयों का अभाव है तथा समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने लिखा कि महामहिम राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाली बैगा जनजाति के लोगों की अकाल मृत्यु, मलेरिया, डायरिया जैसी बीमारियों से होना चिंता का विषय है। इस पूरे मामले में आपका हस्तक्षेप आवश्यक है, ताकि इस संरक्षित जनजाति की जीवन रक्षा की जा सके।





