
कवर्धा : साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच कवर्धा पुलिस ने एक बड़े ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मोहन जायसवाल नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने नाम पर 16 बैंक खाते और माता-पिता के नाम पर दो अतिरिक्त खाते खोलकर देशभर में फैले साइबर ठगों को किराए पर दे दिए थे। मोहन सुरजपुरा के पोड़ी चौकी का निवासी है और उसके खिलाफ 8 राज्यों में ठगी के मामले दर्ज हैं।
सोशल मीडिया से बने ठगों के संपर्क
मोहन जायसवाल ने सोशल मीडिया के जरिए साइबर अपराधियों से संपर्क किया और एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया। वह अपने खातों को ठगों को किराए पर देता था, जो इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए करते थे। हर लेन-देन पर मोहन 10 प्रतिशत कमीशन लेता था और बाकी राशि अन्य खातों में ट्रांसफर करता था।
1.5 करोड़ से अधिक का घोटाला
पुलिस जांच में पता चला है कि इन खातों के जरिए डेढ़ करोड़ से ज्यादा का अवैध ट्रांजैक्शन हुआ है। पुलिस ने मोहन के पास से कई बैंकों की पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज जब्त किए हैं। इस मामले की जानकारी कवर्धा एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल
पुलिस ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि कैसे एक ही व्यक्ति के नाम पर एक ही बैंक में चार खाते खुल गए। यह मामले बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। संभावना जताई जा रही है कि कुछ बैंक कर्मचारी भी इस घोटाले में शामिल हो सकते हैं।
एसपी ने दी सावधानी की हिदायत
कवर्धा एसपी ने जनता से अपील की है कि वे किसी अजनबी को अपना बैंक खाता, डेबिट कार्ड, चेकबुक या पहचान पत्र कभी न दें। उन्होंने कहा कि साइबर ठग भोले-भाले लोगों को बहलाकर उनके नाम पर खाते खोलते हैं और उनका दुरुपयोग करते हैं।
आगे हो सकती हैं और गिरफ्तारी
पूछताछ में आरोपी ने अन्य संभावित संदिग्धों के नाम भी दिए हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। माना जा रहा है कि यह गिरफ्तारी एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश है और जल्द ही और भी गिरफ्तारी हो सकती है।




