
हिमांशु पटेल/रायपुर। राजधानी रायपुर नगर निगम जोन 9 के अंतर्गत दलदल सिवनी, जहां वर्षों से लंबित सड़क चौड़ीकरण का मामला फिर सुलगने लग गया. जानकारी के मुताबिक चौड़ीकरण मोवा से दलदल सिवनी पहुंच मार्ग होते हुए मांढर, टेकारी तक आगे चौड़ीकरण का प्लानिंग किया गया है। इस चौड़ीकरण की जद में दलदल सिवनी के मुख्य मार्ग में 100 से 200 दुकान संचालित हो रही है जो इसकी जद में आ रही है। वही व्यावसायिक परिसर के साथ-साथ रहवासी क्षेत्र भी प्रभावित होगी. PWD के इस प्रोजेक्ट के तहत तोड़फोड़ करने आज सुबह सरकारी दस्ता वार्ड में पहुंचा। जहां स्थानीय कारोबारी, स्थानीय निवासियों द्वारा विरोध भी किया गया.
वार्ड पार्षद सुशीला धीवर का कहना है कि आखिर किस प्रोजेक्ट के तहत सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है? क्या आगे बनाना है इसे अब तक स्पष्ट नहीं किया गया है और इतनी चौड़ी सड़क इस वार्ड के भीतर से ले जाने का क्या औचित्य है. इसे लेकर सवाल की…..
वही दलदल सिवनी के अध्यक्ष विजय पटेल का कहना है जब सरकार की कोई भी प्रोजेक्ट में तोड़फोड़ होता है तो उसको मुआवजा मिलता है. बीते दिनों डब्ल्यूआरएस कॉलोनी, रेलवे पटरी के किनारे तोड़फोड़ हुआ,उन्हें मुआवजा दिया गया तो हमें क्यों नहीं मिल सकता। हमें भी मुआवजा मिलनी चाहिए। उसके बाद तोड़फोड़ होनी चाहिए.
वहीं नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे भी विरोध में पहुंची। जहां उनका कहना था अगर बिना किसी सूचना के जनता पर हिटलर फरमान कर JCB ले आएंगे और रौंद देंगे। यदि जनता की अचानक से दुकान और घर तोड़ देंगे तो उन्हें कुछ आकस्मिक कुछ हो गया, जान का नुकसान हो गया. बुजुर्गों की दुकान है. बिना किसी को विश्वास में लिए इस प्रकार का काम करना और तो और यहां के जनप्रतिनिधि है सुशीला धीवर उनको विश्वास में नहीं लिया गया, इस रायपुर शहर में हो क्या रहा है. यह हमारी समझ से परे है. कायदे से तो महापौर को स्वयं आना था. गरीब जनता के लिए जब वो वोट के लिए आते हैं तो इस वोट बैंक ही नहीं उनके लिए उनकी रखवाली करना भी उनकी सुरक्षा करना भी उनका दायित्व बनता है लेकिन बहुत ही दुखद है कि कांग्रेस सरकार सिवाय राजनीति के कुछ भी नहीं करती है. आज नगर निगम का कोई भी काम नहीं करने देंगे जिससे जनता का नुकसान हो।
इसके साथ ही मीनल चौबे ने बताया, प्रभावित परिवारों के लिए व्यवस्थापन की उचित व्यवस्था करने के लिए बात करने एक हफ्ता का समय मांगा गया है. जिसपर एक हफ्ता का समय पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने दिया है. आश्वासन के बाद हम निगम आयुक्त से बात करके उचित व्यवस्था करने की मांग करेंगे.
हालांकि विरोध के बाद 2 दिन का समय दिया गया है. तोड़फोड़ की कार्यवाही को रोक दिया गया है।




