
रायपुर : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज वर्चुअल माध्यम से नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के अस्थायी परिसर और आई-हब रायपुर का उद्घाटन किया। इस अवसर को उन्होंने छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
268 करोड़ की परियोजना, स्थानीय स्तर पर फॉरेंसिक जांच संभव
शाह ने जानकारी दी कि अस्थायी परिसर के साथ-साथ स्थायी परिसर के लिए भूमि पूजन और केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब की भी शुरुआत की गई है। यह पूरी परियोजना 268 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है। 2025-26 सत्र से बीएससी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी, मनोविज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक और डिप्लोमा कोर्सेस शुरू होंगे, जिसमें पहले बैच में करीब 180 छात्र शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि अब डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एलएसडी साइंस, बायोटेक्नोलॉजी जैसी अत्याधुनिक जांच विधियां स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी, जिससे जांच प्रक्रिया तेज, सटीक और लागत प्रभावी होगी।

युवाओं के लिए स्टार्टअप हब, नए उद्योगों की उम्मीद
आई-हब रायपुर की शुरुआत पर शाह ने कहा कि यह मंच युवाओं को स्टार्टअप कल्चर से जोड़ने, तकनीकी और वित्तीय सहायता देने और बाजार तक पहुंच दिलाने में मदद करेगा। यह हब गुजरात मॉडल पर आधारित है और भविष्य में रायपुर से कई वैश्विक स्टार्टअप उभरने की उम्मीद जताई गई है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नौकरी की अपेक्षा स्वरोजगार और उद्योग निर्माण की दिशा में आगे बढ़ें और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में भागीदार बनें।
नक्सल समस्या पर भी सख्त रुख
अमित शाह ने राज्य सरकार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक गति मिली है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि बरसात के मौसम में भी सुरक्षा बल सक्रिय हैं और नक्सलियों को दबाव में रखा गया है।
शाह ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने और राज्य की विकास यात्रा में शामिल होने की अपील की। साथ ही बताया कि नई सरकार के गठन के बाद 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हुए हैं, जिससे रोजगार, राजस्व और उद्योगिक विकास को बल मिलेगा।




