
नई दिल्ली| सोमवार को लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के लिये वित्त वर्ष 2022-23 का 1.42 लाख करोड़ रूपये का बजट पेश किया. साथ ही विपक्ष ने सरकार से मांग की, कि बजट प्रस्तावों के अध्ययन के लिये उन्हें पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए. आपको बता दें, निर्मला सीतारमण ने निचले सदन में जम्मू कश्मीर के लिये वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांग भी पेश कीं जो 18,860.32 करोड़ रूपये की हैं. उन्होंने इसके साथ एक प्रस्ताव भी पेश किया जिसमें कुछ नियमों को निलंबित करके सदन में इसे पेश किये जाने के दिन ही चर्चा शुरू करने की अनुमति देने की बात कही गई है. READ ALSO: NSE की पूर्व CEO चित्रा रामकृष्ण 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, को-लोकेशन मामले में कोर्ट ने जारी किये आदेश…
मिली जानकारी के मुताबिक, प्रस्ताव का विरोध करते हुए कांग्रेस के मनीष तिवारी ने कहा कि बजट की जांच परख एवं चर्चा करना इस सदन की बुनियादी जिम्मेदारी है.उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा नहीं है, ऐसे में इस पर चर्चा करने की जिम्मेदारी इस सदन की है. उन्होंने सवाल किया कि जब सदस्यों के पास बजट से जुड़ा कोई कागज नहीं है तो फिर किस चीज पर चर्चा होगी? वहीं तिवारी ने फिर कहा कि इस पर कल चर्चा होनी चाहिए और आसन को इस बारे में व्यवस्था देनी चाहिए. READ ALSO: 12-14 वर्ष वाले बच्चों का इस दिन से होगा टीकाकरण, गाइडलाइन्स जारी…




