हरिद्वार में मानसादेवी पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढहा, भीषण भूस्खलन से रुकी ट्रेनें
भीमगोड़ा रेलवे टनल के पास भारी मलबा गिरा, देहरादून-हरिद्वार रेल मार्ग ठप, प्रशासन ने शुरू किया राहत व मलबा हटाने का काम

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में सोमवार को मानसादेवी पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढह गया। इससे भीमगोड़ा रेलवे टनल और काली माता मंदिर के पास भारी भूस्खलन हुआ, जिसकी वजह से व्यस्त देहरादून-हरिद्वार रेल मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया।
अचानक हुए इस हादसे में मिट्टी और चट्टानों का मलबा तेज रफ्तार से नीचे गिरा और रेलवे ट्रैक को पूरी तरह ढक दिया। भूस्खलन का असर इतना गंभीर था कि पटरियों को सुरक्षित करने के लिए लगाए गए लोहे के सुरक्षा जाल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना के तुरंत बाद ट्रेन सेवाओं को रोक दिया गया। स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को जानकारी दी गई और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।
यह घटना ठीक एक महीने से भी कम समय बाद दोबारा हुई है। 5 अगस्त को भी इसी धार्मिक क्षेत्र में बड़ा भूस्खलन हुआ था, जब हर की पौड़ी-भीमगोड़ा रोड और रेलवे ट्रैक पर चट्टानें आ गिरी थीं। उस समय सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक पर चट्टान गिरते और तीन लोगों के बाल-बाल बचने की तस्वीरें सामने आई थीं। भारी बारिश को उस समय भी हादसे की वजह बताया गया था।
विशेषज्ञ मानते हैं कि मानसादेवी पहाड़ी क्षेत्र मानसून के दौरान अत्यधिक संवेदनशील है। 2024 में सड़क और रेलवे मार्ग की सुरक्षा के लिए स्टील गार्ड और नेट लगाए गए थे, लेकिन लगातार हो रही तेज बारिश के कारण खतरा अब भी बना हुआ है।
फिलहाल, उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में भारी वर्षा के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है। नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की आशंका अब भी बनी हुई है।




