सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, 22 माओवादियों ने एक साथ किया आत्मसमर्पण, छोड़ा हिंसा का रास्ता
सुकमा। Sukma Naxalite Surrenders: सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जहां छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति और पुलिस के बढ़ते प्रभाव से प्रभावित होकर लिया निर्णय। 22 सक्रिय माओवादियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 1 महिला माओवादी भी शामिल है।
बता दें कि, लगातार सफल ऑपरेशन, नए सुरक्षा कैंप, सड़क कनेक्टिविटी और विकास कार्यों से माओवादी नेटवर्क कमजोर हुआ। “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान से प्रभावित होकर माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इन नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में वरिष्ठ पुलिस व सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। जिसमें DRG सुकमा, जिला बल, RFT जगदलपुर, CRPF व कोबरा बटालियन की अहम भूमिका रही ।
Sukma Naxalite Surrenders: सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के तहत प्रति व्यक्ति 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही पुनर्वास और मुख्यधारा में शामिल करने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी। इसे जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी आत्मसमर्पण और विकास की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।




