हाई-टेंशन तार ने उजाड़ दी तीन मजदूरों की जिंदगी, एक की हालत नाजुक
लुहसी गांव में घर निर्माण के दौरान 11,000 वोल्ट तार से बड़ा हादसा, ग्रामीणों का बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप, मुआवजे की मांग

गोपालगंज : गोपालगंज के लुहसी गांव में शुक्रवार की दोपहर उस वक्त मातम छा गया जब घर बनाते समय अचानक एक खौफनाक हादसा हुआ। चार मजदूर काम में लगे थे कि अचानक मिक्सर मशीन से गुजर रहे 11,000 वोल्ट के हाई-टेंशन वायर ने उनकी जिंदगी छीन ली। लोहे की छड़ से टकराकर बिजली का करंट दौड़ा और तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। चौथा मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया, उसकी जान खतरे में है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, यह हादसा उचकागांव थाना क्षेत्र के लुहसी गांव में हुआ। मजदूर एक निजी घर का निर्माण कर रहे थे। बताया जा रहा है कि काम के दौरान अचानक कोई लोहे की छड़ या निर्माण सामग्री ऊपर से गुजर रहे 11,000 वोल्ट के हाई-टेंशन तार के संपर्क में आ गई। बिजली का तेज करंट लगते ही, चार मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
इस दर्दनाक हादसे में त्रिलोकपुर गांव के नसरुद्दीन मियां, नीरज कुमार और बलिराम सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, राजापुर गांव के जितेंद्र सिंह गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
पूरे गांव में मातम पसरा
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है। मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण स्थल के ऊपर से गुजर रहे हाई-वोल्टेज तार पहले से ही एक बड़ा खतरा थे। इस बारे में कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया।
पुलिस और प्रशासन का रुख
हादसे की सूचना मिलते ही उचकागांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने कहा है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और बिजली विभाग से भी इस लापरवाही को लेकर जवाब मांगा जाएगा।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, हर साल भारत में 11,000 से ज्यादा लोग करंट लगने से मरते हैं। ग्रामीण इलाकों में खुले तार, जर्जर खंभे और ढीले कनेक्शन इस तरह की मौतों की सबसे बड़ी वजह माने जाते हैं।




