
रायगढ़ : लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के मुड़ागांव और आसपास के जंगलों में पेड़ कटाई के खिलाफ आदिवासी ग्रामीणों के आंदोलन ने शनिवार सुबह नया मोड़ ले लिया जब ग्रामीणों के समर्थन में पहुंची लैलूंगा की कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इस क्षेत्र में एक उद्योगपति को आबंटित कोयला खदान परियोजना के लिए बीते कुछ दिनों से हजारों पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिसका एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग एक महीने से विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र के घने जंगल केवल पर्यावरणीय महत्व ही नहीं रखते, बल्कि यह आदिवासी समुदायों की आजीविका, संस्कृति और पहचान का भी आधार हैं।
READ MORE : CG में फर्जी बाबा के आश्रम पर छापा, वाशरूम में मिले सेक्स टॉयज, गोवा से बनाता रहा नेटवर्क
जंगल बचाने के आंदोलन में पुलिस बल की तैनाती
तमनार के मुड़ागांव इलाके में शुरू हुई इस कटाई के दौरान सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा कार्य उनकी सहमति के बिना हो रहा है। न कोई पूर्व जानकारी दी गई, न ही कोई जनसुनवाई हुई।
विधायक की गिरफ्तारी से नाराज ग्रामीण
जब विधायक विद्यावती सिदार शनिवार सुबह ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचीं, तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इससे ग्रामीणों में और आक्रोश फैल गया और उन्होंने गिरफ्तारी का प्रखर विरोध किया।

READ MORE : भारतमाला परियोजना में घोटाला: बिलासपुर में पूर्व तहसीलदार और पटवारी पर एफआईआर दर्ज
“सरकार दोहरा मापदंड अपना रही” – ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर पर्यावरण संरक्षण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए जंगलों को उजाड़ रही है। उनका कहना है कि यह केवल जंगल की कटाई नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों के अस्तित्व पर हमला है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य में वन अधिकार और औद्योगिक परियोजनाओं के बीच टकराव के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है।




