67 सब इंजीनियरों को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

रायपुर। CG News: छत्तीसगढ़ के 67 सब इंजीनियरों को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है। 3 फरवरी को हाईकोर्ट ने सपंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में सब इंजीनियर नौकरी से हटाने का आदेश था। जिसमें अब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
दरअसल, साल 2011 में सब-इंजीनियर भर्ती में हुई गंभीर अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने 67 उप अभियंताओं की नियुक्तियों को अवैध घोषित करारा देते हुए पद से हटाने का आदेश दिया था। जिसमें कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि, आवेदन के लास्ट डेट तक अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति अवैध मानी जाएगी। बताया गया कि, चयन प्रक्रिया के दौरान कुल 89 ऐसे उम्मीदवारों की पहचान हुई थी, जिनके पास आवेदन की अंतिम तारीख तक जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं थी।
बता दें कि, साल 2011 में 275 पदों के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। आरोप लगाया गया कि विभाग ने नियमों का उल्लंघन करते हुए 275 की जगह 383 नियुक्तियां कर दी। इसके बाद डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद 67 सब इंजीनियरों को अपात्र मानते हुए उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी थी। कहा गया कि, इन 89 अभ्यर्थियों के पास आवेदन की लास्ट डेट यानी 23 मार्च 2011 तक कोई डिप्लोमा या डिग्री नहीं थी, लेकिन फिर भी उनका सिलेक्शन किया गया।
CG News: इस सिलेक्शन लेकर एक याचिका दायर की गई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। बाद में फैसला लिया था कि अंतिम सेमेस्टर में पढ़ रहे अभ्यर्थियों को भी मौका दिया जाए। वहीं अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रभावित सब इंजीनियरों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है और याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत मिली है।




