करोड़ों रुपये की दिव्यांगों की योजना धरातल पर फेल, नेशनल दिव्यांग खिलाड़ी मूलभूत सुविधाओं से वंचित काट रहा दफ्तरों के चक्कर
पेंड्रा। CG News: दिव्यांगो के लिए सरकार करोडों रुपये की योजना बनाकर विकास करने का कितना भी बडा दावा करे पर इसकी जमीनी हकीकत आदिवासी आंचल मरवाही मे तलाशे तो महज कोरी कल्पना ही नजर आती है। ताजा मामला मरवाही के चनाडोगरी के दिव्यांग अजय रैदास की है जो स्पाइनल कार्ड इन्जुरी के गम्भीर बीमारी से जूझ रहा है।
बता दें कि, वह बीते चार वर्षो से बुनियादी सुविधाओं के बैटरी चलित ट्राई साइकिल के लिए समाज कल्याण विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहा जिम्मेदारो की लापरवाही एवं सुस्त रवैया के कारण दिव्यांग नेशनल खिलाड़ी अजय रैदास को नकामी और हताशा के अलावा कुछ भी हासिल नही हो रहा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए दिव्यांग नेशनल खिलाड़ी अजय रैदास ने बताया कि, मैं रग्बी व्हीलचेयर खेल मे छत्तीसगढ़ मे फस्ट आया हूँ नेशनल रग्बी व्हीलचेयर खेल मे सेकेंड आया हूँ। शासन प्रशासन के द्वारा अगर मुझे मदद मिल जाये। मुझे बैटरी चलित ट्राई साइकिल मिल जाये तो मैं भी अपने राज्य अपने देश का नाम रोशन करना चाहता हूं।
CG News: अब देखने वाली बात शासन प्रशासन के द्वारा दिव्यांग नेशनल खिलाड़ी अजय रैदास को बुनियादी सुविधा कब तक नसीब होती है, यह देखना सुनिश्चित होगा।






