रक्सौल में फर्जी पासपोर्ट के साथ नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार, इमिग्रेशन विभाग की बड़ी कार्रवाई
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल में इमिग्रेशन विभाग की टीम ने एक नाइजीरियाई नागरिक को फर्जी पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी हेनरी चिगोजी ओकेके (57) ने कोटे डी आइवर गणराज्य का जाली पासपोर्ट बनवाया था, जिसमें उसने अपनी पहचान एडजोबो गिल्बर्ट के रूप में बताई थी। ऑनलाइन सिस्टम में जांच के दौरान उसकी यह धोखाधड़ी पकड़ी गई, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पुलिस को सौंप दिया गया है। यह घटना भारत में अवैध प्रवेश के प्रयासों को रोकने के लिए सीमा पर तैनात एजेंसियों की मुस्तैदी को दर्शाती है।

रक्सौल : भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल में तैनात इमिग्रेशन विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने एक नाइजीरियाई नागरिक को तब पकड़ा जब वह एक फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहा था। आरोपी की पहचान 57 वर्षीय हेनरी चिगोजी ओकेके के रूप में हुई है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, हेनरी चिगोजी ओकेके ने चतुराई से कोटे डी आइवर गणराज्य से जारी एक जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था। इस पासपोर्ट पर उसका नाम एडजोबो गिल्बर्ट दर्ज था। हालांकि, इमिग्रेशन विभाग के ऑनलाइन जांच सिस्टम ने उसकी पुरानी यात्राओं और डेटा में विसंगति पकड़ ली। इसके बाद, गहन पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि वह फर्जी पहचान का उपयोग कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह कोई पहला मौका नहीं था जब हेनरी भारत आया था। वह इससे पहले 2 दिसंबर 2023 को अपने असली नाइजीरियाई पासपोर्ट पर मेडिकल वीजा लेकर दिल्ली एयरपोर्ट से भारत आया था और 2 फरवरी 2024 को वापस लौट गया था। इस बार, वह अपनी पहचान बदलकर भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था।
इमिग्रेशन विभाग ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद हरैया पुलिस थाना को सौंप दिया। हरैया के थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि इमिग्रेशन विभाग से मिले आवेदन के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह गिरफ्तारी सीमा सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता का एक और उदाहरण है, जो देश में अवैध घुसपैठ और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल को रोकने के लिए लगातार काम कर रही हैं।




