पूर्णिया एयरपोर्ट : 15 सितंबर से शुरू होंगी कोलकाता और अहमदाबाद के लिए सीधी फ्लाइट
लंबे इंतजार के बाद अब पूर्णिया और आसपास के लोग सीधे अपने शहर से उड़ान भर सकेंगे। 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे और इसी दिन से यहां से कमर्शियल फ्लाइट की शुरुआत हो जाएगी।

पूर्णिया : पूर्णिया एयरपोर्ट का इंतजार अब खत्म हो गया है। 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां की टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे और इसी दिन से पूर्णिया से कमर्शियल फ्लाइट्स की शुरुआत हो जाएगी। अब सीमांचल, कोसी और आसपास के क्षेत्र के लोग सीधे अपने शहर से उड़ान भर सकते हैं—यह न सिर्फ पूर्णिया, बल्कि पूरे इलाके के लिए ऐतिहासिक पल है।
ऐतिहासिक यात्रा और नया दौर
पूर्णिया में पहली बार 1933 में हवाई जहाज ने उड़ान भरी थी, लेकिन तब वह एक खास वैज्ञानिक मिशन के लिए था। इसके बाद कई कोशिशें हुईं—1956, 1974 और 2012 में अस्थाई तौर पर सेवा शुरू हुई, मगर वे लंबे समय तक नहीं चली। अब पहली बार एक बड़ा और पूरी तरह आधुनिक “स्टेट ऑफ द आर्ट” सिविल एयरपोर्ट क्षेत्र के लोगों को मिला है। इसका रनवे बिहार का सबसे लंबा है—9000 फीट, जहां बड़े से बड़े जहाज भी उतर सकते हैं।

उड़ानों की सुविधा
उद्घाटन के साथ ही इंडिगो एयरलाइन कोलकाता के लिए हफ्ते में तीन दिन (सोमवार, बुधवार, शुक्रवार) सीधी फ्लाइट चलाएगी। कोलकाता से फ्लाइट दोपहर 12:30 बजे चलेगी और 1:40 बजे पूर्णिया पहुंचेगी। वापसी की फ्लाइट 2:30 बजे यहां से उड़कर 3:40 बजे कोलकाता जाएगी। स्टार एयर भी अहमदाबाद और कोलकाता के लिए हफ्ते में तीन दिन उड़ान शुरू करेगी। फ्लाइट के आने-जाने का समय ऐसा रखा गया है कि यात्रियों को अच्छी कनेक्टिविटी मिले।
बड़े बदलाव की उम्मीद
अब तक सीमांचल, कोसी और पूर्णिया इलाके के लोगों को हवाई यात्रा के लिए पटना, दरभंगा या बागडोगरा जाना पड़ता था, जिससे समय, पैसा और मेहनत ज्यादा लगती थी। अब एयरपोर्ट शुरू होने से स्थानीय लोगों को बनी सुविधा के साथ-साथ व्यापार, रोजगार और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। किसानों के कृषि उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा, मखाना कारोबार के लिए नई संभावनाएं बनेंगी और स्वास्थ्य सेवाओं तक त्वरित पहुंच आसान हो जाएगी।
संस्कृति, पहचान और आधुनिकता
पूर्णिया एयरपोर्ट के भीतर क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक झलक दिखाई देगी। यहां मां पूरण देवी, काली मंदिर, सदियों पुराने गिरजाघर, ऐतिहासिक जलालगढ़ किला, भक्त प्रह्लाद से जुड़ा नरसिंह स्थल जैसी धरोहरों को खूबसूरती से चित्रों के ज़रिए दर्शाया गया है।
समग्र विकास की नई उड़ान
इस एयरपोर्ट के कारण सीमांचल और कोसी के लोगों के लिए न सिर्फ हवाई यात्रा आसान होगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की छवि देश-विदेश में मजबूत होगी। पूंजी निवेश, उद्योग-धंधे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह सिर्फ हवाई अड्डा नहीं, इस पूरे क्षेत्र के विकास और आत्मविश्वास की नई शुरुआत है—और लोग इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।




