NIRF रैंकिंग 2025 जारी: IIT मद्रास लगातार 7वीं बार बना देश का सर्वश्रेष्ठ संस्थान
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने समग्र श्रेणी में लगातार सातवें साल अपना पहला स्थान बरकरार रखा

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री, श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज इंडिया रैंकिंग 2025 जारी की, जो कि राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) के तहत तैयार की गई है। इस साल की रैंकिंग में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने समग्र श्रेणी में लगातार सातवें साल अपना पहला स्थान बरकरार रखा है, जबकि इंजीनियरिंग श्रेणी में यह लगातार दसवें साल शीर्ष पर रहा।

इस अवसर पर श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NIRF अब एक राष्ट्रीय बेंचमार्क बन गया है जो हमारे संस्थानों की ताकत को दर्शाता है। उन्होंने सभी संस्थानों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह फ्रेमवर्क भारत को एक ज्ञान महाशक्ति बनाने की दिशा में एक विश्वसनीय स्तंभ साबित होगा।
रैंकिंग के मुख्य बिंदु
विश्वविद्यालय: भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु ने लगातार दसवें साल विश्वविद्यालयों की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है।
प्रबंधन: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद ने प्रबंधन श्रेणी में अपनी शीर्ष स्थिति बरकरार रखी है।
चिकित्सा: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली लगातार आठवें साल मेडिकल श्रेणी में नंबर 1 पर रहा है।
कॉलेज: हिंदू कॉलेज, दिल्ली ने कॉलेजों की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है।
अनुसंधान: आईआईएससी बेंगलुरु अनुसंधान संस्थानों की श्रेणी में पांचवें साल शीर्ष पर है।
कानून: नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु ने कानून श्रेणी में अपनी पहली रैंक कायम रखी है।
भागीदारी में रिकॉर्ड वृद्धि
इस साल रैंकिंग प्रक्रिया में रिकॉर्ड 7,692 संस्थानों ने भाग लिया, जो इसकी बढ़ती विश्वसनीयता को दर्शाता है। यह संख्या 2016 के मुकाबले 217% की बढ़ोतरी है। रैंकिंग में उत्कृष्टता, नवाचार और स्थिरता जैसे मानकों पर जोर दिया गया है। पहली बार सतत विकास लक्ष्य (SDG) श्रेणी को भी शामिल किया गया है, जिसमें IIT मद्रास ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी शैक्षणिक संस्थानों से नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमारे संस्थानों को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के रोडमैप में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।




