
रायपुर।
बिहार सहित पूरे देश में 4 दिनों तक चलने वाले छठ के तीसरे दिन आज व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी। इसी बीच छत्तीसगढ़ में छठ पूजा की सारी तैयारियां ली गयी गई , शुक्रवार की सुबह उगते सूर्य की पूजा और प्रसाद खाकर छठ व्रती 36 घंटे का उपवास पूरा करेंगी। सूर्योपासना के दूसरे दिन बुधवार को छठ व्रतियों के घरों में खरना का आयोजन किया गया।
व्रतियों ने मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी जलाकर गुड़ की खीर और रोटी बनाई। शाम होते ही रोटी पर घी लगाकर छठ मैया को खीर का भोग लगाया गया। फिर रोटी-खीर को प्रसाद के रूप में लोगों में बांटा गया।
वही छठ पूजा के लिए महादेव घाट पूरी तरह सजकर तैयार है। यहां 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पूजा-अर्चना करेंगे। इस दौरान यहां 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु जुटेंगे। छठ महापर्व आयोजन समिति के प्रमुख राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पार्किंग, लाइटिंग और वस्त्र बदलने का कमरा बनाया गया है। गुरुवार की शाम महादेव घाट पर खारुन मैया की महाआरती होगी।
इसी के साथ आज शहर के 60 से अधिक तालाबों पर श्रद्धालु अपने परिवार के साथ संध्या अर्क के लिए पहुंचेंगे। रायपुर के खारुन नदी तट महादेव घाट के अलावा बिरगांव का व्यास तालाब, हीरापुर का छुइयां तालाब, सोनडोंगरी तालाब, सड्डू तालाब, गुढ़ियारी तालाब।
समता कॉलोनी के आमातालाब, नरैया तालाब, कर्बला तालाब, खमतराई तालाब, रोहिणीपुरम तालाब, कोटा के शीतला तालाब और प्रोफेसर कॉलोनी के भैया तालाब में सजावट की गई है। वहीं, तालाब के आस-पास रंगीन लाइट लगाई गई है। वहीं, बीरगांव, भनपुरी, उरला और हीरापुर जैसे इलाकों से बड़ी संख्या में छठ व्रतियों की भीड़ उमड़ेगी।
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