होटल सॉलिटेयर रायपुर बना हरिहर 88 कुंभ 2.0 सम्मेलन का गवाह

रायपुर। कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन के साथए विगत दिनों शासकीय हरिहर आदर्श उच्चतर माध्यमिक शाला नवापारा राजिम से 1988 में उत्तीर्ण छात्रों एवं टीचिंगए नॉन टीचिंग एवं सर्विस प्रोवाइडर स्टॉफ का पारिवारिक सम्मेलन एवं सम्मान कार्यक्रम हरिहर 88 कुंभ 2ण्0 के नाम से रायपुर के जयस्तंभ चौक स्थित होटल सॉलिटेयर में संपन्न हुआ। इस अनूठे संकल्पित कार्यक्रम को अभूतपूर्व एवं अतुलनीय बनाने हेतु तत्कालीन छात्र परिश्रम की पराकाष्ठा कर रहे थे।
शुभ प्रतीक केले के पौधेए रंगोली से सुशोभित प्रवेश द्वार पर शंखए घंटे ध्वनि मंत्रोच्चार के मध्य दैवीयए तीर्थतुल्य गरिमामय वातावरण में अतिथियों को अक्षत चंदन कुमकुमए तिलकए गुलाब की पंखुड़ियों से सत्कार कर रिसीव किया गया।
कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर सरस्वती माता की वंदना से हुआ। स्वागत भाषण जय जोहार ज्योति रेड्डी ने किया। हरिहर की गौरव गाथा.दिल में हरिहर.जुबां पे हरिहर राम फड़नवीस ने प्रस्तुत किया।

अतिथियों में गुरूजन सर्व श्री आरबी शर्माए एसएल शर्माए श्रीमती ज्योति चक्रवर्तीए यूके चक्रवर्तीए जीएल साहूए एनके साहूए एसआर सोनए जेके पाण्डेयए आरएल साहूए आरएन तिवारीए एसके टिकरिहाए बीआर देवांगनए एमएल साहूए टीपी मिश्राए आरएस तिवारीए पूर्व प्राचार्य स्वर्गीय श्री एनके शर्मा की धर्मपत्नीए डॉ एलसी देवांगन की धर्मपत्नी श्रीमती निर्मला देवांगनए सर्व श्रीमती श्यामा शर्माए अलका सिंहए संध्या शर्मा ;वर्तमान प्राचार्याद्धए उपस्थित रहें। वहीं अन्य कर्मचारीगण सर्व श्री नीलकंठ साहूए कपूरचंदए तोरण लालए चन्द्रशेखर आमंत्रितों में शामिल थे। जीवन.साथीगण सहित कुंभ2ण्0 में पधारें हरिहर.88 से संबद्ध समस्त अतिथियों ;गुरुओंए गुरु.माताओंए नॉन टीचिंग स्टाफध्फेसिलिटेटर्सएसर्विस प्रोवाइडर्सद्ध का दैवीय तीर्थमय गरिमामय वातावरण में भावपूर्ण पांव.पैलागीए सत्कारए सम्मानए भेंट श्रीफलए शाल व सुरता.चिन्हारी भेंटकर किया गया। साथ ही 88 बैच के छात्र एवं उनके पारिवारिक सदस्यों का सम्मान भी किया गया।

सभी पूर्व छात्र अपने परिवार के साथ आये थेए हर एक ने मंच पर आकर अपना परिचय दिया। उनके बच्चों के आँखों की चमक बता रही थी कि वे इस कार्यक्रम में आकर कितने प्रसन्न हैं।
जनक कंसारीए गेंदलाल सोनकरए राम फड़नवीसए नवीन सांखला एवं ज्योति रेड्डी सहित अन्य छात्रों ने गुरूजनों के सम्मान में अपने छात्र जीवन का विस्तार से विचार प्रगट कर अपने स्वर्णिम दिनों को याद किया। गुरूजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अनुशासन एवं संस्कार के जो बीज बोए गये थेए वही आज पेड़ बनकर लहलहा रहे हैं ।
सकारात्मक ऊर्जा तरंगों की महत्ता को समझते हुए अद्वितीय रूप से प्रकल्पित इस कार्यक्रम में नयी पीढ़ी के बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु श्क्लैप्स.थेरेपीश् कराई गयी।
सम्मेलन के उद्घोषक आशीष श्रीवास्तव एवं संचालक लच्छूराम निषाद ने आनंद से परमानंद की सैर कराते हुए हरिहर.88कुंभ2ण्0 समारोह को चरमोत्कर्ष तक पहुंचाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से पीपीटीए स्लाईड.शोए डाक्यूमेंट्री सहित दृश्य.श्रव्य डिजिटल मोड में तत्कालीन स्मृतियों सहित विद्यालय की गौरव.गाथा को प्रस्तुत कर ओमप्रकाश साहू ने इवेंट के स्तर को अप्रतिम बनाया।
इस अवसर पर सदस्यों एवं उनके परिजनों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रू मोर छंईया भुंइया ;आशीष श्रीवास्तवद्धए छत्तीसगढ़ महतारी तोला बंदत हंव दिन रात ;सुनील कोचरद्धए श्आपदा को अवसर में कैसे बदलेंश् विषय पर चर्चा ;कुण्अंतरा देवद्धए समूह गान ;अरपा पैरी के धारए महानदी हे अपार एवं भारत माता तेरा आँचल हरा.भरा धानी.धानीद्ध रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान अतिथियों के मुखारबिंद से भारतीय पौराणिक ग्रंथों वेद पुराणों की दोहेए चौपाईए श्लोक झरते रहे। जिन्होंने भी इन अलौकिक बेला में अपने को शामिल पायाए सुधबुध खो बैठेए जीवन को धन्य कर लिया। हरिहर.88 बैच द्वारा उपलब्ध कराये गये मंच कुंभ2ण्0 में 33 वर्षों के अंतराल बाद 1988 से संबद्ध समस्त अतिथिगण आपस में मिले तो उनके लिये यह किसी सपने से कम नही थाए उन्हें अपनी आंखों पे यकीन करना मुश्किल हो रहा था। भावनाओं का सैलाब ऐसा उमड़ा कि कई ऐसे मौके आये जब छात्र और शिक्षक व्यक्त करने के लिये शब्द तलाशते नज़र आये तो आंसुओं ने सहारा दिया।
अतिथियों ने इस कार्यक्रम को गुरू शिष्य परंपरा का अनूठा उदाहरण मानते हुए इस समारोह को प्रशंसनीय व अनुकरणीय बताया। जिंदगी के अंतिम सोपान तय कर रहे कुछ अतिथियों को ऐसा लगा जैसे कुंभ2ण्0 के द्वारा उन्हें बूस्टर डोज रूपी संजीवनी मिल गयी हो।
ज्योति रेड्डीए संगीता टाटियाए आशीष श्रीवास्तवए डॅाण् पंकज देवांगन एवं जनक लाल कंसारी के निर्देशन में सम्मेलन के द्वितीय हिस्से में सदस्य व उनके परिजनों के मध्य आत्मीयता बढ़ाने वाले अनौपचारिक मेल.जोलए गेम्सए गीतए डांसए संगीतमय मनोरंजन का दौर चला।
कुण् अंतरा देव ने बताया कि नयी पीढ़ी के यंगस्टर्स को कमतर आंकने की भूल बिल्कुल न करें। श्रीमती सीमा देवांगन ने बताया कि टैलेंट की कोई सीमा नहीं। ज्योति ने सिद्ध कर दिया कि वह ऐसे ही कालेज को हैंडल नहीं करती है घ् संगीता ने बता दिया कि जिंदगी में आगे कैसे बढ़ना है घ् श्वेताएमीनाए सुषमाए कांतिए राधिकाए कविताए विनीता सहित नवदुर्गा ने बहुत छुक.छुक गाड़ी चलायीं। नव.दुर्गा किसी से कम नहीं हैंए तो सब भाभियाँ भी छुपी रुस्तम हैं।
पंकज ने सिद्ध कर दिया कि एनआईटी के एक एसोसिएट प्रोफेसर के लिये सिंगिंगए डांसिंग भी बाँये हाथ का खेल है। राम ने अपनी पब्लिक स्पीकिंग स्किल का पूर्ववत लोहा मनवा लिया।आशीष और लच्छू ने जता दिया कि आउटर और इनर इंजिनियरिंग में संतुलन कैसे बनाना है घ् सुनील तो हरफनमौला है ही। गेंदलाल ने बता दिया कि श्सिंपल लिविंग एंड हाई थिंकिंगश् क्या होता हैघ् दीनबंधुए मथुराए जगन्नाथए श्यामए अशोकए ओमप्रकाश सिन्हा और ओमप्रकाश साहू ने अपनी उम्र 25 दिखाने की पूरी कोशिश कीए चुनू पूरे रंग में नजर आये। तुका बिल्कुल नहीं चुका। जनक अभी भी कप्तानी पारी खेल सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में दिवंगत छात्रए स्टॉफ एवं उनके दिवंगत परिजनोंए दिवंगत कोरोना वॉरियर्स एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रध्दांजलि दी गई। डॅाण् पंकज देवांगन ने आभार प्रदर्शन प्रस्तुत किया।
हरिहर.88 की टीम ने गणमान्य अतिथियों से आशीर्वादए स्नेहए दुलारए मार्गदर्शन के रूप में जमकर अक्षय पूंजी बटोरा। यही अर्जित एवं संचित उर्जा टीम को चिरंजीवए संस्कारीए संपन्नए संतोषीए समृद्धए सबलए सततए समावेशीए सह्रदयए सुशीलए संयमीए सक्षम और सफल बनायेगी।
सम्मेलन की खास बातें 88 बैच के छात्रों की संख्या 33 थी और संयोगवश यह सम्मेलन 33 वर्षों के अंतराल बाद संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में केवल विज्ञान निकाय के शिक्षकों को आमंत्रित नही किया गयाए बल्कि अन्य निकाय के टीचर्सए नॉन टीचिंग स्टॉफए सर्विस प्रोवाइडर्स को भी उनके जीवन साथियों सहित आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
तत्कालीन स्मृतियों सहित हरिहर विद्यालय की गौरव गाथा को पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से पीपीटीए स्लाईड.शोए डाक्यूमेंट्री सहित दृश्य.श्रव्य डिजिटल मोड में प्रस्तुत किया गया। पूरे कार्यक्रम को सोशल मीडिया टूल्स जैसेय फेसबुकए व्हाट्सअपए यूट्यूबए गूगल ड्राइव से लिंक किया गया।
पुरानी स्मृतियोंए छायाचित्रोंए विद्यालयीन पत्रिका के विभिन्न अंकों की भी प्रदर्शनी लगाई गयी।
कार्यक्रम का संचालन हिंदी सहित छत्तीसगढ़ी में किया गया। क्षेत्र देवता. राजीव लोचनए कुलेश्वरनाथ की वंदना के साथ छत्तीसगढ़ महतारी का यश.गान सहित प्रदेश की राजकीय गीत.श्अरपा पैरी के धारए महानदी हे अपारश् का प्रस्तुतीकरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन संगीत शिक्षक श्री बीआर देवांगन एवं वाद्य यंत्र वादक श्री तोरण लाल पटेल की 33 वर्ष पूर्व की भूमिकाओं को दुहराते हुए भारत माता वंदना प्रस्तुत किया गया ।
विद्यालय के पूर्व छात्र एवं मीडियाधर्मी को भी आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
कुछ टीचर्स जो स्वयं विद्यालय के पूर्व छात्र रह चुकें हैंए को भी आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
हरिहर.88 परिवार के बिछुड़े सदस्यों सहित दिवंगत कोरोना वॉरियर्स को कोरोना काल में उनकी सेवाओं एवं आज़ादी के अमृत महोत्सव के मद्देनज़र स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को उनके योगदान के दृष्टिगत कार्यक्रम के दौरान श्रध्दांजलि दी गई।
दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को भी समारोह में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
आयोजन समिति द्वारा अतिथियों के आवागमन हेतु बस की व्यवस्था की गयी थी।
सकारात्मक ऊर्जा तरंगों की महत्ता को समझते हुए कार्यक्रम में श्क्लैप्स.थेरेपीश् करायी गयी।
हरिहर.88कुंभ2ण्0 समारोह में अपरिहार्य कारणों से उपस्थित न हो सके हमारे माननीय अतिथियों ख्सर्व श्रीमती विमला मसंदए एस एस दानीए सुश्री अनीता ध् अंजलि श्रीवास्तव एवं श्री भोगी राम साहू, एवं सदस्यों ख्सर्व श्री दयाल दास जगवानीए महेंद्र पारखए दीपक देवांगन एवं सुधू राम, के निवास पहुँच कर उन्हें भी स्मृति चिह्नए जीवनोपयोगी साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया।
अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सम्मान के प्रति सम्मान के तौर पर श्री आर बी शर्मा सर ने छात्रों को एक समारोह आयोजित कर सम्मानित किये।
सम्मेलन के बारे में किसने क्या कहा-
आरबी शर्मा – भौतिक के साथ.साथ आध्यात्मिक यात्रा छात्रों एवं शिक्षकों दोनों के लिये आवश्यक है ।
एसएल शर्मा -33 वर्षों के अंतराल बाद 1988 से संबद्ध बिरादरी को संगम कराने वाला कुंभ2ण्0 का यह मंच हम सबको रिचार्ज कर दिया ।
ज्योति चक्रवर्ती- आज मैं फिर से 88 में पहुँच गई हूँए जब तुम्हारी क्लास टीचर हुआ करती थी। एक वास्तविक टीचर ताउम्र स्टूडेंट होता है। माई बेस्ट विशेस आर विथ यू फॉर एवर एंड एवर ।
यूके चक्रवर्ती- किसी भी स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों में यदि वहाँ के भूतपूर्व छात्र संलग्न हो जाये तो स्कूल कई मायनों में आगे बढ़ जायेगा.
आरएन तिवारी- मेरा मन आज के कार्यक्रम में शामिल होकर गदगद हो गया है ।
गुरवो बहवः सन्ति शिष्यवित्तापहारकाः। दुर्लभः स गुरुर्लोके शिष्य चिन्तापाहारकः।।
बीआर देवांगन- हरिहर में गुजरा वक्त मेरी जिंदगी का सबसे स्वर्णिम कालखंड रहा है । मुझे गर्व है कि मैं वहाँ स्टूडेंट भी रहा और टीचर भी रहा।
जीएल साहू – कार्यक्रम का आयोजन का स्तर अद्वितीय हैए तीर्थमय वातावरण में संपन्न समारोह में मैं आप सबके ओजोमय जीवन की कामना करता हूँ । विश्व विजय का यान कहाँ हैए गुरुओं का सम्मान जहाँ है ।
एनके साहू- मैं ऐसी सोचए कल्पना को नमन करता हूँ । बिना ईश्वरीय प्रेरणा के यह महायज्ञ संभव नहीं।
संध्या शर्मा (वर्तमान प्राचार्याद्ध)- हर रोजए चुपके सेए निकल आते हैं नये पत्ते । यादों के दरख़्तों मेंए मैंनेए कभी पतझड़ नहीं देखा ।।
बस एक बार चलने का हौंसला रखना जरुरी है। क्योंकि अच्छे इंसानों का तो रास्ते भी इंतजार करते हैं ।।
एक हरिहर-88 श्रेष्ठ हरिहर-88
बैच के विज्ञान निकाय में कुल 33 छात्र ;गणित 22़बायो 11द्ध थेए जिनमें 24 बालक एवं 9 कन्यायें ;नवदुर्गाद्ध सम्मिलित थीं और सभी ने 10़2 की शिक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण किया ।
मध्यप्रदेश में 10़2 शिक्षा प्रणाली के अन्तर्गत सन 1986 में कक्षा 10 में उत्तीर्ण छात्रों का यह प्रथम बैच थाए जिसमें हरिहर के तीन छात्रों चन्द्रदेव दानीए राम फड़नवीस व दयाल दास जगवानी ने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त किये थेए जो अंचल के लिए गौरव की बात थी।
अंचल के गौरव को बुलंदियों तक पहुंचाते हुए इसी प्रथम बैच के पांच छात्रों चन्द्रदेव दानीए राम फड़नवीसए दयाल दास जगवानीए आशीष श्रीवास्तव एवं पंकज देवांगन ने सन 1988 में कक्षा 12 में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त किये थे।
विद्यालय के मेधावी छात्र एवं शिक्षक प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर की पाठ्येत्तर व सह पाठ्येत्तर गतिविधियों ;मैथ्स ओलंपियाडए विज्ञान.मेलाए मॉडलए निबंध लेखनए भाषणए तात्कालिक भाषणए वाद.विवादए प्रश्न.मंचए एनसीसीए खेलकूद आदि मेंद्ध अंचल का नाम रौशन करते रहे। कई बार इन प्रतियोगिताओं के शीर्ष.5 में इसी विद्यालय के हुआ करते थे।
गेंदलाल सोनकर उन बीस प्रतिभाशाली छात्रों में शामिल थेए जिन्होने जबलपुर में अगस्त 1987 में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की मैथ्स ओलंपियाड परीक्षा हेतु टॉप 20 में अपना स्थान बनाया था।
मध्यप्रदेश शासन के अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर ओमप्रकाश साहू ने विद्यालय सहित अंचल के गौरव में चार चाँद लगाया। इस लेख को मण्प्रण् के विधानसभा पटल पर भी रखा गया। यूनिसेफ द्वारा आयोजित निबंध लेखन में भी उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
उक्त छात्रों के अलावा बैच के अन्य छात्रगण हैं रू लच्छू रामए तुका रामए जनक कंसारीए सुनील कोचरए महेंद्र पारखए दीनबंधुए मथुराए जगन्नाथए द्वेषए चुनुसिंगए एमआर साहूए ओमप्रकाश सिन्हाए सुधू रामए श्याम लालए अशोकए राधिकाए श्वेताए संगीताए मीनाए सुषमाए कविताए विनीताए ज्योतिए कांतिए हेमंतए दीपक।
बैच के प्रतिभावान मेधावी छात्र आज भारत गणराज्य के प्रतिष्ठित व सम्मानित नागरिक हो गये हैं और देश के नामचीन संस्थाओं जैसेय वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेडए एनआईटी रायपुरए सेल के अंतर्गत भिलाई इस्पात संयंत्रए एनएमडीसीए भारतीय पोष्टए राज्य शासन के अंतर्गत वनए शिक्षा विभागए प्रतिष्ठित निजी क्षेत्रोंए स्व.व्यवसाय आदि में अपनी सेवायें दे रहे हैं ।
पृष्ठभूमि रू हरिहर 88 कुंभ 1ण्0 के नाम से गुरु.शिष्य पारिवारिक सम्मेलन एवं गुरु माताओं सहित गुरुओं के सम्मान का पहला अध्याय 1 मई 2013 में राजिम स्थित पुन्नी रिसार्ट में संपन्न हुआ था।
शासकीय हरिहर आदर्श उच्चतर माध्यमिक शाला नवापारा के बारे में
विद्यालय का नाम तत्कालीन अविभाजित मध्यप्रदेश के शीर्षस्थ आदर्श शालाओं में था शुमार।
छात्र ही नहीं बल्कि उनके पालक भी अपने बच्चों को इस शाला में प्रवेश दिलाकर गौरवान्वित होते थे।
विद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य श्री नंद कुमार शर्मा के कार्यकाल ख्01ण्06ण्74 से 30ण्09ण्90, के अंतिम चौथाई को उपलब्धियों और अनुशासन की दृष्टि से श्स्वर्णिम युगश् के रूप में याद किया जाता है।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस विद्यालय को ग्रीष्मकालीन रिमेडियल क्लासेस के लिये चुना गया।
पहली बार यहाँ सन 1987 में कक्षा 11 में सह.शिक्षा ;को.एजुकेशनद्ध का आरंभ हुआए क्योंकि स्थानीय कन्या शाला में हायर सेकेण्डरी ;10़2द्ध प्रारंभ नहीं हुआ था।




