
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कोर्ट में पेशी के तरीके को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने न्यायालय से गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें हर बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जाता है, जबकि वे स्वयं कोर्ट में आकर सुनवाई में शामिल होना चाहते हैं।
कोर्ट में बोले लखमा: “मैं पाकिस्तान का नहीं, भारतीय हूं”
सुनवाई के दौरान लखमा ने न्यायाधीश से कहा:
“मैं पाकिस्तान का नहीं, भारतीय हूं। मेरे साथ ऐसा व्यवहार क्यों हो रहा है? मुझे बंद कर रखा जाता है। मैं खुद कोर्ट आना चाहता हूं। मुझे किसी प्रोटोकॉल या बड़ी गाड़ी की जरूरत नहीं, अगर चाहें तो बाइक से भी आ सकता हूं।”
इस पर अदालत ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके न्यायिक अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा।
1100 पन्नों का पूरक चालान, 64 करोड़ की अवैध कमाई के आरोप
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के वकील मिथिलेश वर्मा ने बताया कि लखमा के खिलाफ 1100 पन्नों का चौथा पूरक चालान विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। आरोप है कि लखमा ने 2019 से 2023 के बीच आबकारी मंत्री रहते हुए पद का दुरुपयोग कर घोटाले से करोड़ों की अवैध कमाई की।
18 करोड़ के निवेश के मिले दस्तावेज
EOW की जांच में सामने आया है कि घोटाले से लखमा के हिस्से में 64 करोड़ रुपए की अवैध आय आई, जिसमें से 18 करोड़ रुपए के निवेश व खर्च से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। यह रकम कथित तौर पर विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों में निवेश की गई।
अब तक चार चालान, 13 गिरफ्तारियां
इस घोटाले में अब तक कुल चार चार्जशीट (एक मूल और तीन पूरक) दायर की जा चुकी हैं। 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही नई गिरफ्तारियां और खुलासे संभव हैं।




