बिहार विधानमंडल का संयुक्त सत्र : बिहार में अगले 5 साल में 1 करोड़ नौकरियां बनाने का लक्ष्य: राज्यपाल
बिहार विधानमंडल का संयुक्त सत्र : राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा— अब तक 50 लाख रोजगार सृजित; महिला रोजगार योजना से 1.56 करोड़ लाभान्वित। मोदी सरकार के सहयोग और आगामी बुनियादी ढांचा योजनाओं का भी किया उल्लेख।
पटना. बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बुधवार को विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नवगठित राजग सरकार अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्यपाल ने बताया कि अब तक राज्य में 50 लाख रोजगार सृजित किए जा चुके हैं, और सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इसे दोगुना से अधिक करने का है।
महिला रोजगार योजना को बताया जन-समर्थन का आधार
अपने अभिभाषण में उन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का विशेष उल्लेख किया, जिसे विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक एक माह पहले शुरू किया गया था।
राज्यपाल ने कहा कि 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में 10–10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं, और जिन लाभार्थियों को अभी भुगतान नहीं मिला है, उन्हें भी जल्द राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद
राज्यपाल खान ने बिहार के विकास में “उदार सहयोग” देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष के आम बजट में बिहार के लिए विशेष घोषणाएं की गई हैं, जिनमें मखाना बोर्ड की स्थापना और नए हवाईअड्डों का निर्माण शामिल है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने बिहार में कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी है और उन पर तेजी से कार्य चल रहा है।
फ्री बिजली, सामाजिक सद्भाव और सुरक्षा उपायों पर जोर
राज्यपाल ने हाल ही में लागू की गई 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना को राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जनोन्मुखी पहल बताया।
उन्होंने कहा कि पूजा स्थलों और कब्रिस्तानों की घेराबंदी कर साम्प्रदायिक तनाव को रोकने के प्रयास किए गए हैं।
शिक्षा और कौशल विकास: बिहार बना शिक्षा केंद्र
राज्यपाल ने बताया कि राज्य में मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा का तेजी से विस्तार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि:
27 नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं, प्रत्येक जिले में इंजीनियरिंग शिक्षा उपलब्ध कराई जा चुकी है, और “आज कई राज्यों के छात्र बिहार में पढ़ाई करने आ रहे हैं”, जिससे बिहार शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है।
सड़क, पुल व कनेक्टिविटी में नया बदलाव
राज्यपाल ने सड़क और परिवहन ढांचे में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में बाईपास, रेल पुल और नई सड़कों का निर्माण तेज रफ्तार से हुआ है। अब राज्य के सुदूर इलाकों से पटना पहुंचने में केवल पांच घंटे लगते हैं, जो कनेक्टिविटी में बड़े बदलाव का संकेत है।
नई सरकार को बताया स्थिरता और विकास की शुरुआत
अपने अभिभाषण के अंत में उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक स्थिरता और विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। आने वाले वर्षों में सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तीकरण को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बनाएगी।




