
रायपुर : राजधानी में बिना पंजीयन और अनुमति के कार्डियोलॉजी क्लिनिक संचालित करने का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए क्लिनिक संचालक डॉ. वसी खान पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह क्लिनिक रायपुर एम्स के पास लक्ष्मी मेडिकल हॉल परिसर के दूसरे मंजिल पर चल रहा था।
जांच के बाद सामने आया मामला
इस मामले की शिकायत 3 अप्रैल को छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद, रायपुर द्वारा जिला प्रशासन को की गई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद क्लिनिक को बंद कराने के साथ ही जुर्माना लगाया गया।
डॉ. वसी खान बिना किसी पंजीयन और नर्सिंग होम एक्ट के अंतर्गत अनुमति लिए हार्ट संबंधी बीमारियों का इलाज कर रहे थे। प्रशासन ने इसे गंभीर मामला मानते हुए त्वरित कार्रवाई की।
CMO कार्यालय ने पहले भी भेजा था नोटिस
डॉ. वसी खान को 22 अप्रैल को CMO ऑफिस द्वारा एक नोटिस भेजा गया था, जिसमें तत्काल क्लिनिक बंद करने का निर्देश दिया गया था। जवाब में डॉ. खान ने बताया था कि उन्होंने पहले ही क्लिनिक बंद कर दिया है और केवल जनरल मेडिसिन के मरीजों का इलाज कर रहे थे, कार्डियोलॉजी की प्रैक्टिस नहीं कर रहे थे।
डिग्रियों को लेकर उठे सवाल
जांच में सामने आया कि डॉ. खान ने MBBS और MD फोरेंसिक मेडिसिन में किया है, साथ ही उनके पास पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कार्डियोलॉजी भी है। डॉ. खान का कहना है कि इन्हीं डिग्रियों के आधार पर उन्होंने रायपुर के नारायणा हॉस्पिटल में पांच साल तक सेवाएं दी हैं।
उनका दावा है कि रायपुर में ही लगभग 14 डॉक्टर इसी योग्यता के आधार पर निजी अस्पतालों में कार्डियोलॉजी कंसल्टेंट के तौर पर कार्यरत हैं, जबकि पूरे देश में ऐसे लगभग 1400 डॉक्टर कार्य कर रहे हैं। प्रशासन अब इस मामले में आगे की जांच कर रहा है और अन्य डॉक्टरों की योग्यता और प्रैक्टिस की वैधता पर भी नजर डाल सकता है।




