दरभंगा एम्स को मिली बड़ी हरी झंडी, पर्यावरणीय मंजूरी से प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार
807 करोड़ की लागत से बनेगा बिहार का सबसे बड़ा मेडिकल टाउनशिप, 2029 तक पूरा होने का लक्ष्य

दरभंगा : दरभंगा में प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) को साकार करने की दिशा में एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। परियोजना का प्रबंधन कर रही एचएससीसी (Hospital Services Consultancy Corporation) को विभाग की ओर से पर्यावरणीय मंजूरी (Environmental Clearance) मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ही बिहार के सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य प्रोजेक्ट्स में शामिल दरभंगा एम्स अब धरातल पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार माना जा रहा है।
7.36 लाख वर्गमीटर में बनेगा मेगा हेल्थ हब
दरभंगा एम्स का विकास लगभग 7,36,528 वर्गमीटर भूमि पर किया जाएगा। इसमें 2,08,400.589 वर्गमीटर का निर्माण क्षेत्र होगा, जिसके कारण यह परियोजना पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना के तहत श्रेणी ‘बी’ में आती है।
परियोजना की कुल अनुमानित लागत 807 करोड़ रुपये है और इसे 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दो चरणों में होगा विकास
परियोजना के तहत—
पहला चरण: 4,81,598.17 वर्गमीटर क्षेत्र का विकास
भविष्य के लिए आरक्षित: 2,54,929.83 वर्गमीटर
हरित क्षेत्र: 1,03,774.33 वर्गमीटर
पार्किंग: 88,923 वर्गमीटर
यह पूरा परिसर एक आधुनिक मेडिकल टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा।
वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट प्रबंधन पर खास फोकस
पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए—
12 वर्षा जल संचयन गड्ढे (प्रत्येक 37.70 घन मीटर क्षमता)
700 KLD व 570 KLD क्षमता के दो STP
100 KLD क्षमता का ETP
कुल जल आवश्यकता: 2,070 KLD
प्रतिदिन सीवेज उत्पादन: 1,064 KLD
ठोस कचरा: 2,437 किलोग्राम/दिन
बायोमेडिकल वेस्ट: लगभग 850 किलोग्राम/दिन
मुख्य अस्पताल और शैक्षणिक ढांचा
एम्स के मुख्य अस्पताल ब्लॉक (ए से डी) जी+5 मंजिला होंगे, जहां—
720 बेड की सुविधा
ओपीडी ब्लॉक
ऑन्कोलॉजी व रेडियो डायग्नोस्टिक यूनिट
आयुष ब्लॉक
मोर्चरी
अस्पताल सेवा केंद्र
750 सीटों वाला ऑडिटोरियम
मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज भी होंगे
मेडिकल कॉलेज: 150 छात्रों की क्षमता (G+5)
नर्सिंग कॉलेज: 100 छात्रों की क्षमता (G+4)
आवास, हॉस्टल और अन्य सुविधाएं
परिसर में—
डॉक्टरों व कर्मचारियों के लिए टाइप-2 से टाइप-5 आवास
यूजी छात्रों के लिए 342 बेड, पीजी के लिए 312 कमरे, नर्सिंग छात्रों के लिए 400 बेड
1,200 सीट का मेस, नाइट शेल्टर
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, गेस्ट हाउस
मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर
9,207 पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे परिसर हरित रहेगा
बेहतर कनेक्टिविटी भी मिलेगी
एम्स स्थल—
दरभंगा जंक्शन: 7.10 किमी
लहेरियासराय स्टेशन: 8 किमी
दरभंगा एयरपोर्ट: 9.20 किमी
एनएच-27 और एनएच-322 के नजदीक
उत्तर बिहार के स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगी नई पहचान
विशेषज्ञों का मानना है कि दरभंगा एम्स उत्तर बिहार के लिए गेम-चेंजर प्रोजेक्ट साबित होगा। इससे न सिर्फ इलाज की विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी, बल्कि मेडिकल शिक्षा, रिसर्च, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा मिलेगी।




