BIHAR : पुश-अप करते वक्त सातवीं के छात्र को आया हार्ट अटैक
सिमरी बख्तियारपुर में हार्ट अटैक से छात्र की मौत, कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट का बढ़ता खतरा

PATNA. बिहार के सिमरी बख्तियारपुर में एक दिल दहलाने वाली घटना ने सबको झकझोर दिया. सातवीं कक्षा का एक छात्र स्कूल के पास पुश-अप करते समय अचानक हार्ट अटैक का शिकार हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना कम उम्र में बढ़ रहे कार्डियक अरेस्ट के मामलों की गंभीरता को उजागर करती है, जिसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है.
पुश-अप करते वक्त अचानक गिरी सांस, अस्पताल में मृत घोषित
जानकारी के अनुसार, छात्र स्कूल के पास व्यायाम कर रहा था. पुश-अप करते समय वह अचानक गिर पड़ा. आसपास के लोग उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया. यह घटना न केवल स्थानीय लोगों के लिए चौंकाने वाली थी, बल्कि इसने बच्चों और किशोरों में हृदय संबंधी समस्याओं के बढ़ते जोखिम पर सवाल उठाए हैं.
कम उम्र में हार्ट अटैक क्यों?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बच्चों और युवाओं में कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
जन्मजात हृदय रोग: कई बच्चों में जन्म से ही हृदय की छिपी समस्याएं होती हैं, जिनका समय पर पता नहीं चलता.
जंक फूड और गलत जीवनशैली: फास्ट फूड, मीठे पेय, और शारीरिक निष्क्रियता से मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा है, जो हृदय को नुकसान पहुंचाता है.
तनाव का बोझ: पढ़ाई, परीक्षा, और सोशल मीडिया का दबाव बच्चों में मानसिक तनाव बढ़ा रहा है, जो हृदय पर असर डालता है.
अचानक भारी व्यायाम: बिना मेडिकल जांच के अत्यधिक कसरत, खासकर अंतर्निहित हृदय समस्याओं की स्थिति में, जानलेवा हो सकती है.
क्या करें बचाव? 🩺
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि माता-पिता और स्कूलों को बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए, खासकर हृदय संबंधी स्क्रीनिंग. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और तनाव प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है. साथ ही, बच्चों को बिना विशेषज्ञ सलाह के भारी कसरत से बचाना चाहिए.




