झोलाछाप कहे जाने से झल्लाए बीएसएमएस डॉक्टर ने खुद को लगाई आग
जलता रहा होम्योपैथिक डॉक्टर और लोग बनाते रहे वीडियो
कानपुर। झोलाछाप (Jholachhap) कहे जाने से झल्लाए एक बीएसएमएस (BHMS) डॉक्टर ने शुक्रवार को दोपहर बाद खुद पर केरोसीन (Kerosene) छिड़क कर आग लगा ली। आरोप है कि इलाके के कुछ लोग उनको झोलाछाप (Jholachhap) कहा करते थे। इससे वे बहुत दु:खी रहते थे । 80 फीसदी जली हालत में उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना रेलबाजार थाने के मीरपुर की बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला:
रेलबाजार थाने के प्रभारी दधिबल तिवारी ने बताया कि बीएमएस डॉक्टर संदीप सिंह एक डिग्रीधारी होम्योपैथिक डॉक्टर (Homeopathic Doctor) हैं। इलाके के कुछ लोग उनको झोलाछाप कहा करते थे। इसके अलावा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दिया करते थे। डॉक्टर संदीप सिंह अपने परिवार के साथ लाल बंगले में रहते थे। क्लीनिक में अपने पिता डॉक्टर इंद्रजीत सिंह के साथ बैठा करते थे।
चिढाते और धमकाते थे स्थानीय लोग
आरोप है कि कुछ स्थानीय लोग डॉ संदीप सिंह को झोलाछाप कहकर चिढाते और मुकदमा करने की धमकी दिया करते थे। इससे डॉ संदीप सिंह तनाव में आ गए। उसके बाद शुक्रवार को दोपहर बाद उन्होंने अपने क्लीनिक में ही खुद पर केरोसीन का तेल डाल कर आग लगा ली।
आग का गोला बनकर निकले डॉक्टर संदीप:
अपनी क्लीनिक से जलती हुई आग का गोला बनकर डॉक्टर संदीप सिंह बाहर निकले। वहां मौजूद लोग बजाए मदद करने के उनका वीडियो बनाने में मशगूल रहे। काफी देर बाद एक व्यक्ति ने उनके शरीर पर एक बाल्टी पानी फेंक दिया। इससे आग बुझ गई। इसके बाद उनको अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी हालत गंभीर है।
झोला छाप कहने वालों को तलाश रही पुलिस:
दधिबल तिवारी ने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों की सूची बना रही है कि जिन्होंने डॉ संदीप सिंह को झोलाछाप कहा था। इसके साथ ही उन लोगों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी है जिन्होंने डॉक्टर संदीप पर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी। देखना ये होगा कि कानपुर पुलिस इस मामले में डॉक्टर संदीप को कितना न्याय दिला पाती है।




