
रायपुर रिपोर्टर:- सुधीर वर्मा
छत्तीसगढ़ में EOW और ED की संयुक्त कार्रवाई के बाद, सीजीएमएससी में ₹411‑550 करोड़ रुपए के घोटाले मामले से जुड़े पांच अधिकारियों के खिलाफ आज बड़ी सुनवाई हुई। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की विशेष अदालत ने आरोपियों बसंत कुमार कौशिक, कमलकांत पाटनवार, डॉ. अनिल परसाई, शिरौंद्र रावटिया और दीपक बांधे — को सात दिनों की रिमांड पर भेजा था, जिसकी अवधि 28 मार्च तक थी

घोटाले की पड़ताल में सामने आया कि सभी उपकरण और रसायन को दुर्ग की मोक्षित कार्पोरेशन से अत्यधिक महंगे दामों पर खरीदा गया था। उदाहरण के लिए, ₹8.5 की EDTA किट को ₹2,352 में और बाजार में अनुमानित ₹5 लाख की मशीन को ₹17 लाख में खरीदा गया, जिससे भारी घोटाले की संभावना पुख्ता हुई

यह संदेह था कि खरीद प्रक्रियाओं में मिलीभगत की गई और नियमों में बदलाव कर एक ही कंपनी को लाभान्वित किया गया। आरोपपत्र में लगभग 18 हजार पृष्ठों में छह आरोपियों शशांक चोपड़ा के खिलाफ आरोप दर्ज किए गए

पाटनवार के रायपुर भाठागांव स्थित आवास पर EOW और ED ने छापेमारी की थी और सभी दस्तावेज तथा रिकॉर्ड जब्त किए गए।
सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं और अब मुकदमा आगे बढ़ रहा है। न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ जमानत याचिका खारिज कर दी है, EOW ने स्पष्ट किया है कि सभी काम अधिकारियों की मिलीभगत से हुए थी।




