गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 65 सेंटीमीटर ऊपर, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा
गंगा और वाया नदी में जलवृद्धि से दियारांचल के कई गांवों में पानी फैलने लगा, विद्यालयों के प्रभावित होने की आशंका।

पटना. बिहार के समस्तीपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यह खतरे के लाल निशान से 65 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। सरारी कैंप पर तैनात सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता के अनुसार, बुधवार को गंगा का जलस्तर 46.15 मीटर दर्ज किया गया, जबकि सामान्य खतरे का स्तर इससे नीचे है।
तीन दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के कई निचले इलाकों में पानी फैलना शुरू हो गया है। हरदासपुर, नवघड़िया, सरसावा, राजपुर जौनापुर और दक्षिणी डुमरी जैसे गांवों में गंगा का पानी तेजी से भरने लगा है।
पानी बढ़ने से शैक्षणिक संस्थान भी प्रभावित हो रहे हैं। प्लस टू हाई स्कूल मनियर के परिसर और प्राथमिक विद्यालय चकला के आसपास पानी फैल चुका है। अधिकारियों का कहना है कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पठन-पाठन फिर से बाधित हो सकता है। इससे पहले, 20 दिन पूर्व आई बाढ़ के कारण मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के चार दर्जन से अधिक विद्यालय बंद करने पड़े थे।
वहीं, वाया नदी में भी जलवृद्धि जारी है, जिससे ढोंगहा, अदलपुर, दुबहा और मनियर चौर जैसे इलाकों में पानी पसर रहा है। दियारांचल के हजारों परिवारों को एक बार फिर से बाढ़ की आशंका सताने लगी है।
जल संसाधन विभाग ने गंगा के तटबंधों की लगातार निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारी और कर्मी बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए चौकसी बरत रहे हैं।




