उत्तराखंड में बादल फटने से मचा हाहाकार, रुद्रप्रयाग में कई परिवार मलबे में फंसे, रेस्क्यू जारी
रातभर चला राहत व बचाव अभियान, सीएम धामी ने दिए निर्देश, बाबा केदार से प्रार्थना की

उत्तराखंड : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गुरुवार रात बादल फटने (Cloudburst) की घटना ने हाहाकार मचा दिया। भारी बारिश और मलबे के बहाव से कई परिवार फंस गए और कई लोग घायल हो गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि बरेठ डुंगर टोक (ब्यसकेदार तहसील, रुद्रप्रयाग) और देवाल क्षेत्र, चमोली में बादल फटने की घटना से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है और लोग मलबे में फंसे हुए हैं।
धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “स्थानीय प्रशासन युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य कर रहा है। मैं लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं और ज़िला अधिकारियों व आपदा प्रबंधन सचिव को आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाबा केदार से सभी की कुशलता की प्रार्थना करता हूं।”
राहत व बचाव कार्य रातभर चलता रहा। प्रशासन और SDRF की टीमें लगातार फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी रहीं। गौरतलब है कि यह इस हफ्ते उत्तराखंड में दूसरी बार बादल फटने की घटना है। इससे पहले चमोली जिले में भारी बारिश के चलते थराली बाज़ार और तहसील परिसर मलबे में दब गए थे।

उधर, रुद्रप्रयाग में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। गौरीकुंड-रुद्रप्रयाग-ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर मलबा आने के कारण बंद हो गया है। वहीं, नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। जगह-जगह भूस्खलन (Landslide) के कारण सड़कें बंद हैं और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। कई परिवारों को सुरक्षा के लिए अपने घर तक छोड़ने पड़े हैं। कालीमत घाटी और बेसन केदार क्षेत्र में भी देर रात से लगातार भारी बारिश हो रही है। गौरतलब है कि यह इस हफ्ते राज्य में दूसरी बार बादल फटने की घटना है। इससे पहले चमोली जिले के थराली बाज़ार और तहसील परिसर मलबे में दब गए थे।





