
कोरबा : डीएमएफ की राशि से 17 करोड़ की लागत से बने रानी अहिल्याबाई होल्कर कन्वेंशन हॉल की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 12 जून को लोकार्पित किए गए इस भवन की सीलिंग मात्र एक माह बाद ही भरभराकर गिर गई।
घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन करीब 30 फीसदी फॉल सीलिंग का हिस्सा जमीन पर आ गिरा। उल्लेखनीय है कि इस 2500 सीट क्षमता वाले हॉल में अब तक कोई कार्यक्रम भी आयोजित नहीं हुआ था।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
कन्वेंशन हॉल की बनावट में छत टीन की शीट से ढंकी हुई थी, जिसके नीचे फॉल सीलिंग लगाई गई थी। जानकारों ने पहले ही इतने बड़े हॉल में इस प्रकार की फॉल सीलिंग लगाने पर सवाल उठाए थे। लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया गया।
इस पूरे निर्माण की निगरानी छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा की जा रही थी। अब निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भारी लापरवाही सामने आने पर हाउसिंग बोर्ड के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने की जांच की मांग
पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर ने इस मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस स्तर की लापरवाही जनता के पैसों की बर्बादी है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
जांच के बाद हुई कार्रवाई
कन्वेन्शन हाल वाले मामले में हाऊसिंग बोर्ड के दो अधिकारी निलंबित हो गए हैं।





