मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, उग्रवादियों ने कई घरों को किया आग के हवाले, पूरे इलाके में लगा कर्फ्यू
मणिपुर। Manipur Violence: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के उखरुल जिले में एक बार हिंसा भड़क उठी है। तांगखुल और कुकी समुदाय के बीच जमकर पत्थरबाजी और गोलीबारी हुई है। हथियारबंद बदमाशों ने लिटन सरेखोंग गांव में कई घरों को आग लगा दी और हवा में गोलियां भी चलाई। जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल है। उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
बता दें कि, इस हिंसा की शुरुआत शनिवार रात को ही हो गई थी। जहां लिटन गांव में तांगखुल समुदाय के एक शख्स पर 7-8 लोगों ने हमला कर दिया था। जिसके बाद मामले को रफा-दफा करने के लिए पंचायत रखी गई थी। पीड़ित पक्ष और गांव के मुखिया ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया था और कल इस मामले में बैठक बुलाई गई थी, लेकिन वह नहीं हो पाई। जिसके बाद सिकिबुंग गांव के लोगों ने लिटन सरेखोंग के मुखिया के घर पर हमला कर दिया और ग्रामीणों ने पुलिस स्टेश के पास फायरिंग भी की। जिसके बाद कल यानी रविवार को दो समूहों के बीच जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई।
वहीं देखते ही देखते हालात बिगड़ गए। इसके बाद सोमवार आधी रात को तांगखुल नागा समुदाय के घरों में आग लगा दी गई। इसका आरोप कुकी उग्रवादियों पर लगा है। इसके बाद कुकी समुदाय के भी कुछ घर जलाए गए। हालात इतने बिगड़ गए कि डीएम आशीष दास को बीएनएसएस की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी करने पड़े।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह स्थिति ‘शांति और सार्वजनिक व्यवस्था’ के लिए बड़ा खतरा है। आदेश के मुताबिक, 8 फरवरी की शाम 7 बजे से अगले आदेश तक कोई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर नहीं निकलेगा, अगर कोई कानून तोड़ता है तो उस पर सख्त एक्शन होगा। जिसके बाद पूरे इलाके को छावनी में तबदील कर दिया गया।
Manipur Violence: इस मामले में राज्य मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने बताया कि हालात बहुत तनावपूर्ण हैं। सोमवार सुबह तक 17 घर जले थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 21 हो गई है। उपमुख्यमंत्री एल डिखो मौके पर मौजूद हैं और लोगों से बात कर रहे हैं। शांति बहाल करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं।
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