बस्तर जो कभी था नक्सल गढ़, आज बन रहा कला, संस्कृति व गौरव के उत्सव का केंद्र, बस्तर पण्डुम के समापन में बोले गृहमंत्री शाह
जगदलपुर। Bastar Pandum 2026: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे का आज तीसरा दिन रहा। जहां वे जगदलपुर लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान गृहमंत्री शाह ने कहा कि, सरकार बस्तर की संस्कृति को आने वाले दशकों तक सुरक्षित रखना चाहती है।
बता दें कि, इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की संस्कृति और विकास को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस अवसर पर क्षेत्रीय नेतृत्व की प्रतिबद्धता को दर्शाया। अधिकारियों की मौजूदगी ने यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम का प्रबंधन सुचारू रूप से हो। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, महापौर संजय पांडे कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा भी मौजूद रहे।
Bastar Pandum 2026: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि, ‘जो बस्तर कभी नक्सल हिंसा का गढ़ माना जाता था, आज जनजातीय कला, संस्कृति व गौरव के उत्सव का केंद्र बन रहा है।’ इस दौरान उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ की माओवादी पुनर्वास नीति सबसे आकर्षक है। जो लोग गोली चलाना, स्कूल और अस्पताल जलाना जारी रखेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, हिंसा का कड़ा जवाब मिलेगा। माओवाद ने समाज को कभी लाभ नहीं पहुंचाया, जहां भी रहा वहां विनाश ही हुआ, कोलंबिया, पेरू, कंबोडिया जैसे देशों में भी यही देखा गया।
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