बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से जुड़े अखिलेश यादव, राहुल गांधी-तेजस्वी संग दिखी विपक्षी एकजुटता
कांग्रेस की इस यात्रा का मकसद है चुनाव आयोग की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया का विरोध, 1 सितंबर को पटना में होगा समापन
सारण : बिहार की राजनीति में शनिवार को बड़ा दृश्य देखने को मिला, जब समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए। यह यात्रा सारण जिले से गुजर रही थी, जहां अखिलेश यादव ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ मंच साझा कर विपक्षी एकता का संदेश दिया।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा –
“आज सुबह अखिलेश यादव जी सारण में वोटर अधिकार यात्रा से जुड़े। यह लोकतंत्र बचाने की ऐतिहासिक लड़ाई है। अखिलेश हमारे अडिग सहयोगी हैं और गरीबों तथा वंचितों की मजबूत आवाज रहे हैं।”
राहुल-तेजस्वी संग तस्वीरें वायरल
कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य से मुलाकात की। तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।

क्यों निकाली गई है यह यात्रा?
कांग्रेस ने 17 अगस्त को रोहतास जिले के सासाराम से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की थी। इसका मकसद चुनाव आयोग द्वारा बिहार में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करना है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए भाजपा लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता को कमजोर करना चाहती है।
अब तक किन जिलों से गुज़री?
यात्रा अब तक गया, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, कटिहार, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और सिवान जैसे जिलों से गुजर चुकी है। आने वाले दिनों में यह भोजपुर और पटना पहुंचेगी, जहां 1 सितंबर को इसका समापन होगा।
‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल होगा TMC, यूसुफ पठान और ललितेश त्रिपाठी होंगे प्रतिनिधि
बिहार की राजनीति इन दिनों ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को लेकर गर्माई हुई है। इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी ऐलान किया है कि वह इस यात्रा में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराएगी। पार्टी ने लोकसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान के साथ वरिष्ठ नेता ललितेश त्रिपाठी को 1 सितंबर को पटना में होने वाली रैली में भेजने का निर्णय लिया है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के लोकसभा नेता अभिषेक बनर्जी पहले से तय कार्यक्रमों की वजह से इसमें शरीक नहीं हो पाएंगे। 1 सितंबर से ही पश्चिम बंगाल विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो रहा है, जिसमें ममता बनर्जी की मौजूदगी अनिवार्य होगी। वहीं, अभिषेक बनर्जी का भी उसी दिन दूसरा राजनीतिक कार्यक्रम है।





