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करिश्मा के बच्चों ने छेड़ी जंग, पिता की 30 हजार करोड़ की विरासत पर ठोंका दावा, सौतेली मां पर वसीयत में हेरफेर का आरोप

संजय कपूर की 30 हजार करोड़ की संपत्ति को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान ने अपनी सौतेली मां प्रिया कपूर पर वसीयत में हेराफेरी का आरोप लगाया है। हाईकोर्ट ने प्रिया कपूर को आदेश दिया है कि वे संजय कपूर की मौत तक की सभी चल-अचल संपत्तियों का पूरा ब्यौरा दें। अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

मुंबई : मुंबई की चकाचौंध से दूर, एक हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद अब दिल्ली के कोर्ट रूम में गर्माहट पैदा कर रहा है। यह मामला जुड़ा है बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों से, जिन्होंने अपने दिवंगत पिता संजय कपूर की 30,000 करोड़ रुपये की विशाल संपत्ति पर कानूनी हक मांगा है। इस संपत्ति की जंग में उनके सामने हैं उनकी सौतेली मां, प्रिया सचदेव कपूर, जिन पर वसीयत में हेरफेर का गंभीर आरोप लगा है।

क्या है पूरा मामला?

करिश्मा और संजय कपूर का रिश्ता खत्म होने के बाद, संजय ने प्रिया सचदेव से शादी कर ली थी। अब, संजय कपूर के निधन के बाद, उनके बच्चे समायरा (20) और कियान (14) दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे हैं। उनकी याचिका सीधे तौर पर उनकी सौतेली मां प्रिया कपूर पर सवाल उठाती है। बच्चों का आरोप है कि प्रिया ने जानबूझकर पिता की असली संपत्ति का ब्योरा छिपाया और एक ऐसी वसीयत पेश की जिसमें उन्हें विरासत से वंचित करने की कोशिश की गई है।

कोर्ट का दखल और अगली चाल

मामले की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह ने तुरंत कार्रवाई की। अदालत ने प्रिया कपूर को निर्देश दिया है कि वे 12 जून 2025 तक संजय कपूर के स्वामित्व वाली सभी चल और अचल संपत्तियों का पूरा हिसाब अदालत में पेश करें। यह आदेश इस बात का संकेत है कि कोर्ट इस मामले की तह तक जाना चाहती है। अब सबकी निगाहें 9 अक्टूबर की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत इस विवाद में अंतरिम राहत पर फैसला कर सकती है।

दलीलों का द्वंद्व: कौन सच्चा, कौन झूठा?

कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। करिश्मा कपूर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने इस वसीयत को “फर्जी” करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि संजय कपूर की असली मंशा बच्चों को संपत्ति से दूर रखने की नहीं थी और वे “संपत्ति के न्यायसंगत बंटवारे” की मांग करते हैं।

जवाब में, प्रिया कपूर के वकील राजीव नायर ने दावा किया कि वसीयत पूरी तरह से कानूनी है। उन्होंने यह भी बताया कि वसीयत रजिस्टर्ड नहीं है, लेकिन कानूनन यह जरूरी नहीं है। उन्होंने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि संजय कपूर ने अपनी जिंदगी में ही बच्चों के नाम पर बनाए गए एक ट्रस्ट को 1900 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही ट्रांसफर कर दी थी।

परिवार के भीतर की उलझन

यह विवाद सिर्फ करिश्मा और प्रिया के बच्चों तक सीमित नहीं है। संजय कपूर की मां रानी कपूर ने भी अपनी चिंता जताई है। उनके वकील ने अदालत को बताया कि 10,000 करोड़ रुपये की संपत्ति, जो उनकी होनी चाहिए थी, उसका बंटवारा भी स्पष्ट नहीं है।

इस बीच, प्रिया कपूर के वकीलों ने वसीयत की एक समयरेखा भी दी, जिसके अनुसार यह फरवरी में तैयार हुई और मार्च 2025 में गवाहों के सामने इस पर हस्ताक्षर किए गए।

शक की सुई क्यों घूम रही है?

करिश्मा कपूर के वकीलों ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है: संजय कपूर, जो अपनी जिंदगी में हर दस्तावेज को लेकर बहुत सावधान रहते थे, उन्होंने इतनी बड़ी संपत्ति की वसीयत रजिस्टर्ड क्यों नहीं कराई? इसके अलावा, बच्चों का यह आरोप भी संदेह पैदा करता है कि उन्हें पहले बताया गया कि कोई वसीयत है ही नहीं, लेकिन बाद में अचानक एक वसीयत सामने आ गई।

यह कानूनी लड़ाई अब एक रोमांचक मोड़ पर आ गई है। जहां एक ओर करिश्मा के बच्चे अपने हक के लिए लड़ रहे हैं, वहीं प्रिया कपूर अपनी स्थिति का बचाव कर रही हैं। यह मामला न सिर्फ पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे की कहानी है, बल्कि भरोसे और वसीयत की वैधता से जुड़े कई सवाल भी उठाता है। 9 अक्टूबर की सुनवाई इस कानूनी पहेली की अगली कड़ी होगी।

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