
हिमांशु/राजधानी रायपुर में बढ़ती समस्याओं और बदहाल हालातों को देखते हुए अब नगर निगम ने पूर्व जनप्रतिनिधियों के अनुभव से समाधान की राह तलाशनी शुरू कर दी है। शहर में लगातार हो रहे जलभराव, ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन में एक अहम बैठक बुलाई।

इस बैठक में शहर के पूर्व महापौर किरणमयी नायक, प्रमोद दुबे, एजाज ढेबर, पूर्व सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा, संजय श्रीवास्तव, सूर्यकांत राठौर सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि शामिल हुए। चर्चा का केंद्र बिंदु था रायपुर की बिगड़ती व्यवस्था और उसे पटरी पर लाने का रोडमैप।

बैठक के दौरान पूर्व महापौरों ने निगम के कामकाज पर सवाल उठाते हुए सुझाव भी दिए। पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने हाल ही में हुई भारी बारिश में शहर के जलमग्न हो जाने की घटनाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अधिकारियों की नाकामी और लापरवाही का नतीजा है। वक्त रहते नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था होती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। प्लानिंग एक तो शॉर्ट टर्म होता है तो लॉन्ग टर्म होता है

“शहर डूबता है तो जनता हमसे सवाल करती है, लेकिन जवाबदेही उन अधिकारियों की भी होनी चाहिए जो फील्ड में नहीं उतरते।”
“पूर्व महापौरों का अनुभव अमूल्य है। हम सब मिलकर समाधान की ओर बढ़ना चाहते हैं। रायपुर को बेहतर बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।”नगर निगम की ये पहल सराहनीय है, जहां राजनीति से ऊपर उठकर अनुभव की बात की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस साझा प्रयास से राजधानी रायपुर की तस्वीर बदलेगी और जनता को राहत मिलेगी।




