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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर, संसद में बवाल और गतिरोध जारी

नई दिल्लीः संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने अचानक इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। लेकिन इस बीच संसद के मनसून सत्र के दूसरे दिन आज भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई फिर दो बजे तक के लिए स्थगित हो गई। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे से सियासी घमासान तेज हो गया है।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पोस्ट में कहा- इस अप्रत्याशित इस्तीफे में जो दिख रहा है, उससे कहीं ज्यादा है। उपराष्ट्रपति के इस्तीफे की वजह कुछ और है। PM मोदी धनखड़ को मन बदलने के लिए मनाएं। यह राष्ट्रहित में होगा। खासतौर पर कृषक समुदाय को बहुत राहत मिलेगी।
वहीं धनखड़ के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि ये चौंकाने वाला है, मैं उनसे आग्रह करूंगा कि वह पुन: विचार करें। वह संसदीय ज्ञान के धनी थे और किसानों के आवाज उठाने वाले थे ये संसदीय इतिहास का काला दिन है जब एक उपराष्ट्रपति अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

इस्तीफा अप्रत्याशितः कांग्रेस
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने एजेंसी से कहा कि हम ईश्वर से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना करते हैं। राजनीति में सब कुछ सामान्य लगता है, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर स्वास्थ्य के आधार पर इस्तीफा देना होता, तो मुझे लगता है कि वह सत्र से पहले भी ऐसा कर सकते थे। कल उन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया, यह अप्रत्याशित था।
कल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मैं जो भी कहूंगा वह रिकॉर्ड में जाएगा, तो क्या आप उपराष्ट्रपति को निर्देश देंगे? दूसरी बात, कल बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक थी। संसदीय कार्य मंत्री गायब हो जाते हैं। जेपी नड्डा जी गायब हो जाते हैं। इसलिए मैंने कहा कि स्क्रिप्ट पहले लिखी गई थी।
धनखड़ ने कल दिया था इस्तीफा
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से सोमवार को इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे इस्तीफे में धनखड़ ने कहा कि मैं तुरंत प्रभाव से पद छोड़ रहा हूं। उन्होंने इसकी वजह ‘सेहत को प्राथमिकता देना और चिकित्सीय सलाह का पालन करना’ बताया है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का कार्यकाल अगस्त 2027 तक था।
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